गुरुग्राम एनकाउंटर में दीपक नंडाल गैंग के 4 संदिग्ध शूटर ढेर, 3 पुलिसकर्मी घायल। बिजनेसमैन पर फायरिंग, रंगदारी कनेक्शन और बरामद ऑटोमैटिक हथियारों ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए।
गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम का पॉश इलाका सुशांत लोक फेज़-2 गुरूवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच और विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर दीपक नंडाल के गुर्गों के बीच हुई एक खूनी मुठभेड़ में चार संदिग्ध शूटर मारे गए हैं, जबकि एक बुरी तरह घायल हुआ है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले एनकाउंटर में अपराधियों का लोहा लेते हुए क्राइम ब्रांच के तीन जांबाज़ जवान भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
रंगदारी का 'अंतर्राष्ट्रीय' मैसेज: रडार पर था शहर का नामी बिज़नेसमैन
इस खूनी ड्रामे की पटकथा दरअसल सात समंदर पार लिखी जा रही थी। सुशांत लोक इलाके के एक बड़े और रसूखदार बिज़नेसमैन को पिछले कई दिनों से विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नंडाल की तरफ से रंगदारी (Extortion) के धमकी भरे मैसेज मिल रहे थे। बिज़नेसमैन के इनकार करने पर गैंगस्टर ने शहर में खौफ पैदा करने के लिए अपने सबसे खूंखार शूटरों को सुपारी देकर भेजा था। बुधवार की रात, अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियारों से लैस ये पांचों शूटर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो SUV में सवार होकर बिज़नेसमैन के घर को निशाना बनाने निकले थे, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीमें पहले से ही हाई अलर्ट पर थीं।

स्कॉर्पियो का पीछा और सरेंडर की चेतावनी: जब आधी रात को टूट पड़ी पुलिस
पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को सूचना मिली थी कि एक काले रंग की संदिग्ध स्कॉर्पियो SUV सुशांत लोक इलाके में मंडरा रही है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की कई टीमें हरकत में आईं और गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। जब तक पुलिस टीमें मौके पर पहुंचतीं, तब तक अपराधियों ने अपनी स्कॉर्पियो बिज़नेसमैन के घर के बाहर रोक दी थी और अंदर की तरफ ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी। क्राइम ब्रांच के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और लाउडस्पीकर के ज़रिए अपराधियों को चारों तरफ से घिर जाने की बात कहते हुए हथियार डालने (सरेंडर करने) की चेतावनी दी। लेकिन, अपनी मौत सामने देख चुके शूटरों ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम को ही अपना निशाना बना लिया।
गोलियों की तड़तड़ाहट और लहूलुहान जवान: आत्मरक्षा में चली सरकारी बंदूकें
शूटरों ने पुलिस टीम पर अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियारों से सीधी गोलीबारी शुरू कर दी और भागने का रास्ता ढूंढने लगे। अपराधियों की इस दुस्साहसिक फायरिंग में क्राइम ब्रांच के तीन जवान गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़े। अपने साथियों को घायल होते देख और आत्मरक्षा (Self-Defense) में क्राइम ब्रांच ने जवाबी कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद दोनों तरफ से सौ से ज्यादा चक्र गोलियां चलीं। पुलिस की सटीक जवाबी फायरिंग में स्कॉर्पियो में सवार सभी पांचों शूटरों को गोलियां लगीं और वे वहीं पर ढेर हो गए।

अस्पताल में डॉक्टरों का फैसला: चार की मौत, एक की सांसें अब भी अटकीं
गोलीबारी थमते ही पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घायल जवानों और पांचों संदिग्ध शूटरों को बिना वक्त गंवाए पास के एक प्राइवेट सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद चार शूटरों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक घायल आरोपी की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है और वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में आईसीयू में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। दूसरी ओर, घायल तीनों पुलिसकर्मियों का भी आपातकालीन इलाज चल रहा है, जहां वरिष्ठ अधिकारी लगातार उनके स्वास्थ्य का अपडेट ले रहे हैं।
फॉरेंसिक जांच और पुलिस कमिश्नर का बड़ा बयान: 'खौफ फैलाने वालों का यही हश्र होगा'
मुठभेड़ की भयावहता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के तुरंत बाद DCP क्राइम और DCP ईस्ट खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सीन ऑफ़ क्राइम यूनिट और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने घटनास्थल की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच की। पुलिस ने अपराधियों की गाड़ी से पांच अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियार और दर्जनों ज़िंदा कारतूस बरामद किए हैं। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर ने साफ लफ्ज़ों में कहा कि मारे गए और घायल अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड और पहचान की पुष्टि की जा रही है। उन्होंने अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए दोहराया कि गुरुग्राम पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जो भी शहर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या व्यापारियों के बीच डर का माहौल पैदा करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ इससे भी सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी
गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मारे गए और घायल आरोपियों की पहचान, उनका आपराधिक इतिहास, बरामद हथियारों की विस्तृत जानकारी और इस गैंग के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी संगठित अपराधी गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मुठभेड़ एक बार फिर संकेत देती है कि संगठित अपराध और विदेश से संचालित रंगदारी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि इस गैंग के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और क्या इस नेटवर्क के तार किसी बड़े आपराधिक गिरोह से भी जुड़े हुए हैं।


