ज्ञान पोस्ट क्या है? क्या डाक सेवा सच में भारत के बच्चों की पढ़ाई बदल सकती है?
Explainer: ज्ञान पोस्ट इंडिया पोस्ट की नई पहल है, जो छात्रों तक किताबें और शैक्षिक सामग्री सुरक्षित पहुँचाने का काम करती है। इसका मकसद साक्षरता बढ़ाना, पढ़ने की आदत विकसित करना और शिक्षा को देश के हर कोने तक पहुंचाना है।

Government Education Initiative: भारत जैसे विशाल देश में आज भी लाखों बच्चे ऐसे हैं, जिन तक सही समय पर किताबें और पढ़ाई की जरूरी सामग्री नहीं पहुंच पाती। कहीं दूरदराज़ गांव हैं, कहीं आर्थिक परेशानी, तो कहीं संसाधनों की कमी। इसी सवाल का जवाब बनकर सामने आई है इंडिया पोस्ट की नई पहल “ज्ञान पोस्ट”। क्या कोई ऐसी व्यवस्था हो सकती है, जो देश के हर बच्चे तक किताबें सुरक्षित पहुंचाए?
ज्ञान पोस्ट आखिर है क्या?
ज्ञान पोस्ट इंडिया पोस्ट की एक विशेष डाक सेवा है, जिसे 23 जनवरी को लॉन्च किया गया। इसका मकसद है-देश भर के छात्रों तक किताबें और शैक्षिक सामग्री सुरक्षित, सस्ती और भरोसेमंद तरीके से पहुँचाना। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के उस विजन से जुड़ी है, जिसमें शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव माना गया है।
बच्चों तक किताबें पहुंचाना इतना जरूरी क्यों है?
आज मोबाइल और इंटरनेट के दौर में भी सच्चाई यह है कि किताबें अब भी शिक्षा की रीढ़ हैं। ज्ञान पोस्ट इसी समस्या को दूर करने की कोशिश है। इसका उद्देश्य सिर्फ किताब भेजना नहीं, बल्कि बच्चों में पढ़ने की आदत, सोचने की क्षमता और नैतिक मूल्यों को विकसित करना है। आज मोबाइल और इंटरनेट के दौर में भी सच्चाई यह है कि किताबें अब भी शिक्षा की रीढ़ हैं। ज्ञान पोस्ट इसी समस्या को दूर करने की कोशिश है। इसका उद्देश्य सिर्फ किताब भेजना नहीं, बल्कि बच्चों में पढ़ने की आदत, सोचने की क्षमता और नैतिक मूल्यों को विकसित करना है।
ज्ञान पोस्ट के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
- छात्रों तक किताबें और शैक्षिक सामग्री समय पर पहुंचाना।
- बच्चों में पढ़ने का शौक और सीखने की ललक बढ़ाना।
- नैतिक कहानियों और ज्ञानवर्धक पुस्तकों के जरिए संस्कार विकसित करना।
- फिलाटेली (डाक टिकट संग्रह) जैसे विषयों से बच्चों को संस्कृति और इतिहास से जोड़ना।
- शहरों के साथ-साथ गांवों और दूरदराज़ इलाकों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाना।
ज्ञान पोस्ट से क्या-क्या भेजा जा सकता है?
यह सवाल सबसे अहम है। ज्ञान पोस्ट के तहत केवल वही सामग्री भेजी जा सकती है, जो शिक्षा से जुड़ी हो, जैसे-
- शैक्षणिक किताबें (मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालय या सरकारी पाठ्यक्रम की)।
- साहित्यिक पुस्तकें, जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व हो।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की किताबें।
क्या हर तरह की किताब भेजी जा सकती है?
- नहीं। ज्ञान पोस्ट के कुछ सख्त नियम हैं-
- पैकेट पर साफ-साफ “ज्ञान पोस्ट” लिखा होना चाहिए।
- किताबों में कोई विज्ञापन नहीं होना चाहिए।
- हर किताब पर प्रकाशक या प्रिंटर का नाम होना जरूरी है।
- व्यावसायिक या व्यापारिक किताबें मान्य नहीं हैं।
- पत्रिकाएँ और जर्नल इस सेवा के तहत नहीं भेजे जा सकते।
- वजन 300 ग्राम से 5 किलो के बीच होना चाहिए।
बच्चों के लिए खास कार्यक्रम भी?
हां। वसंत पंचमी के मौके पर इंडिया पोस्ट ने देशभर में विशेष शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए। कक्षा 4 और 5 के बच्चों को नैतिक कहानियों और फिलाटेली पर किताबें दी गईं। साथ ही, बच्चों को यह भी सिखाया गया कि पत्र कैसे लिखते हैं, डाक टिकट क्यों खास होते हैं और पढ़ना क्यों जरूरी है।
ज्ञान पोस्ट का असली असर क्या होगा?
ज्ञान पोस्ट सिर्फ एक डाक सेवा नहीं है, बल्कि यह शिक्षा को समान अवसर देने की कोशिश है। इससे उन बच्चों को भी किताबें मिल सकेंगी, जो अब तक संसाधनों से दूर थे। यही वजह है कि कहा जा रहा है—ज्ञान पोस्ट आने वाले समय में भारत की पढ़ाई की तस्वीर बदल सकता है।
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