UP Crime News: हाथरस के बालापट्टी में एक पूर्व शिक्षक ने आरोप लगाया कि पत्नी ने उन्हें आठ दिनों तक कमरे में कैद रखा। पड़ोसियों ने खिड़की से खाना-पानी पहुंचाकर जान बचाई।

उत्तर प्रदेश के हाथरस से सामने आया एक मामला रिश्तों, भरोसे और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। शहर के मोहल्ला बालापट्टी में रहने वाले एक पूर्व शिक्षक ने आरोप लगाया है कि वह पिछले आठ दिनों से अपने ही घर के एक कमरे में भूखे-प्यासे कैद हैं। उनका कहना है कि वर्षों से पत्नी की प्रताड़ना झेल रहे हैं और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें अपनी जान बचाने के लिए पड़ोसियों की मदद पर निर्भर रहना पड़ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच में जुटी है और आरोपों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

खिड़की के सहारे मिल रहा खाना, सात साल से प्रताड़ना का आरोप

अमर उजाला की खबर के अनुसार, पूर्व शिक्षक अशोक कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी पिछले सात वर्षों से उनके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न कर रही है। उनका दावा है कि पिछले आठ दिनों से वह घर के एक कमरे में बंद हैं और बाहर निकलने की स्थिति में नहीं हैं। जब भूख और प्यास असहनीय हो गई, तब पड़ोस में रहने वाले उनके भाइयों के परिवार ने खिड़की के रास्ते उन्हें भोजन और पानी पहुंचाया। इसी सहारे उनकी जान बची हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।

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'मारपीट के कारण चली गई आंखों की रोशनी', पुलिस भी लौटी वापस

अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि पत्नी द्वारा सिर और चेहरे पर की गई लगातार मारपीट के कारण उनकी आंखों की रोशनी चली गई और अब वे दृष्टिहीन हो चुके हैं। उनका यह भी कहना है कि पत्नी का डर इतना अधिक है कि रिश्तेदार और आसपास के लोग भी घर का दरवाजा खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पीड़ित ने कथित तौर पर पत्नी के डर से दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिस से कहा कि जब तक उनकी पत्नी वापस नहीं आ जाती, वह कमरे से बाहर नहीं निकलेंगे। इसके बाद पुलिस टीम लौट गई।

वृद्धाश्रम भेजने की मांग, प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार

पूर्व शिक्षक ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी पत्नी के लौटने पर पुलिस की मौजूदगी में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जाए। उनका कहना है कि अब वह उस घर में नहीं रहना चाहते और शेष जीवन किसी सुरक्षित वृद्धाश्रम में बिताना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप एक पक्ष के दावे हैं और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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