हरियाणा के फरीदाबाद में, 'मां काली फूड' नामक नॉन-वेज स्टॉल पर कुछ लोगों ने हमला किया। उन्होंने देवी के नाम पर चिकन बेचने को अपमानजनक बताकर तोड़फोड़ की और मालिक को धमकाया। घटना का वीडियो वायरल होने पर बहस छिड़ गई है।
हरियाणा के फरीदाबाद का एक परेशान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें कुछ लोग, जो कथित तौर पर हिंदू संगठनों से जुड़े हैं, 'मां काली फूड' नाम के एक छोटे से फूड स्टॉल पर तोड़फोड़ और धमकी देते नजर आ रहे हैं। स्टॉल का मालिक, जो खुद एक हिंदू है, वहां चिकन समेत नॉन-वेज खाना बेच रहा था, जिस पर यह पूरा बवाल हुआ। वायरल वीडियो में, ये लोग गुस्से में मालिक से सवाल कर रहे हैं कि वह हिंदू देवी मां काली के नाम पर चिकन क्यों बेच रहा है। उन्होंने दावा किया कि नॉन-वेज फूड स्टॉल के लिए धार्मिक नाम का इस्तेमाल करना अपमानजनक है।
जैसे ही मामला बढ़ा, इस ग्रुप ने स्टॉल के कुछ हिस्सों को तोड़ना शुरू कर दिया। वीडियो में दिख रहा है कि वे मेन्यू बोर्ड तोड़ रहे हैं और मालिक पर चिल्लाते हुए लाइटें भी फोड़ रहे हैं। पूरे क्लिप में, स्टॉल का मालिक बेबस नजर आ रहा है और बार-बार उनसे गुहार लगा रहा है। वह लोगों से कहता है कि वह अगले दिन स्टॉल का नाम बदल देगा। उसकी मिन्नतों के बावजूद, ग्रुप उसे धमकाता रहा और चेतावनी दी कि नाम तुरंत हटाना होगा, वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
मालिक मिन्नतें करता रहा, हमलावर धमकाते रहे
फुटेज में मालिक ग्रुप को शांत करने की कोशिश करता दिख रहा है। वह बार-बार कहता रहा कि वह 'कल' स्टॉल का नाम बदल देगा, लेकिन लोग उस पर जोर-जोर से चिल्लाते रहे। वीडियो में एक आदमी चिल्लाकर पूछ रहा है कि वह मां काली के नाम पर चिकन कैसे बेच सकता है। उस आदमी ने उसे फिर से चेतावनी दी कि नाम हटाना ही होगा। स्टॉल का मालिक डरा हुआ लग रहा है और ग्रुप से बहस करने से बच रहा है। घटना की सही तारीख और हमलावरों की पहचान की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी साफ नहीं है कि अब तक कोई पुलिस कार्रवाई हुई है या नहीं।
वायरल वीडियो पर ऑनलाइन छिड़ी बहस
यह वीडियो X, इंस्टाग्राम, रेडिट और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद यूजर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इस तोड़फोड़ पर गुस्सा जाहिर किया और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।
कुछ यूजर्स ने बताया कि भारत के कई हिस्सों, जैसे पश्चिम बंगाल और पूर्वी राज्यों में, मां काली की पूजा पारंपरिक रूप से पशु बलि और मांसाहारी भोग के साथ की जाती है।
एक X यूजर ने लिखा कि कुछ परंपराओं में मां काली को रक्त बलि से जोड़ा जाता है और आधुनिक रस्मों में भी अक्सर पशु बलि दी जाती है। एक अन्य यूजर ने हरियाणा पुलिस को टैग करके पूछा कि क्या हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी। कई कमेंट्स में कहा गया कि ऐसा लगता है कि हमलावरों को हिंदू परंपराओं की विविधता के बारे में जानकारी नहीं है। X पर एक यूजर ने बताया कि बंगाल में काली पूजा के दौरान देवी को आमतौर पर नॉन-वेज भोजन चढ़ाया जाता है।
रेडिट यूजर्स ने सांस्कृतिक अंतरों पर ध्यान दिलाया
रेडिट पर कई यूजर्स ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में इस तरह के दुकान के नाम आम हैं। कुछ ने कहा कि कोलकाता में कई फास्ट-फूड स्टॉल के नाम मां काली या मां तारा जैसी देवियों के नाम पर हैं। एक अन्य यूजर ने बताया कि महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में, मछली और चिकन की दुकानों के नाम देवी एकवीरा के नाम पर रखे जाते हैं, जिनकी पूजा मछुआरा समुदाय करता है। अन्य लोगों ने हमलावरों की आलोचना करते हुए कहा कि भीड़ का व्यवहार और हिंसा असहमति से निपटने का सही तरीका नहीं है। कुछ कमेंट्स में यह भी चेतावनी दी गई कि ऐसी घटनाओं से सामाजिक विभाजन बढ़ सकता है।
कार्रवाई और शांति की अपील
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस से इस घटना की जांच करने और छोटे दुकानदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। कुछ ने हिंदू धर्म के भीतर विभिन्न परंपराओं के लिए शांति और सम्मान की भी अपील की। यह वीडियो ऑनलाइन लगातार शेयर किया जा रहा है, और धर्म, भोजन परंपराओं और व्यवसायों में धार्मिक नामों के उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। अब तक, इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं।


