IIT Bombay के छात्र Sahil Wakode की मौत के मामले में पिता रवींद्र वाकोडे ने नामजद प्रोफेसरों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है। FIR में जातीय भेदभाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप हैं। मुंबई Crime Branch जांच कर रही है।

IIT Bombay Suicide Case: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यवतमाल के रहने वाले साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने अब प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका साफ कहना है कि जब उनके बेटे ने खुद अपनी मौत से पहले फोन पर जातिगत उत्पीड़न और प्रताड़ना का दर्द बयां किया था, तो फिर नामजद प्रोफेसरों को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे कैंपस में उबाल है और न्याय की मांग तेज हो गई है।

"बेटा रो रहा था, कह रहा था कि हो रहा है जातिवाद"

साहिल के पिता रवींद्र ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में बताया कि 13 सितंबर को उनकी बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। साहिल फफक-फफक कर रो रहा था और उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता ने उसे हिम्मत बंधाई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद 18 सितंबर को साहिल का शव हॉस्टल के कमरे में पंखे से लटका मिला। परिवार ने इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और शिरीष केदारे के खिलाफ 'अत्याचार निवारण अधिनियम' (Atrocities Act) के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। दबाव बढ़ने के बाद संस्थान ने प्रोफेसर डूला को डीन के पद से हटा दिया है।

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IIT Bombay: प्रोफेसर डूला डीन पद से हटे

साहिल की मौत के बाद कैंपस में विरोध-प्रदर्शन हुए। IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया है। हालांकि वह संस्थान में प्रोफेसर बने हुए हैं। संस्थान ने मामले की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति भी बनाई है।

ChatGPT विवाद पर IIT Bombay ने मांगी माफी

विवाद तब और गहरा गया जब शुरुआती दौर में संस्थान ने दावा किया कि साहिल को परीक्षा के दौरान नकल करते पकड़ा गया था। हालांकि, भारी विरोध के बाद आईआईटी बॉम्बे ने अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली और स्वीकार किया कि बिना जांच के ऐसा बयान देना गलत था। पिता रवींद्र ने सवाल उठाया कि संस्थान पहले उनके बेटे पर नकल का झूठा कलंक लगाता है और बाद में माफी मांगता है। परिवार और छात्रों का साफ कहना है कि जब तक आरोपी प्रोफेसरों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अब क्राइम ब्रांच CCTV, डिजिटल और अन्य सबूतों के जरिए साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की कड़ी जोड़ रही है। नामजद लोगों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।