क्या उत्तर और मध्य भारत में लू अभी जारी रहेगी? IMD का चौंकाने वाला अलर्टक्या राहत जल्द मिलेगी?तापमान कितना घट सकता है?क्या मॉनसून जल्दी आएगा?क्या यह मौसम बदलाव बड़ा मोड़ है?

नई दिल्ली: उत्तर और मध्य भारत के विशाल भूभाग में सूरज इस समय आग उगल रहा है। लाखों लोग रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और झुलसाने वाली लू (Heatwave) का सामना कर रहे हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक ऐसा पूर्वानुमान जारी किया है, जो राहत की उम्मीद भी जगाता है और आने वाले दिनों के सस्पेंस को भी बढ़ाता है। एक तरफ जहां उत्तर भारत आसमान से बरसते अंगारों से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ समंदर और पहाड़ों पर मौसम का एक नया चक्रव्यूह तैयार हो रहा है।

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अभी बाकी है लू का सबसे खतरनाक दौर; कई राज्यों में 'अलर्ट' जारी

  • भीषण लू का शिकंजा: आईएमडी (IMD) के ताजा आकलन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्सों को अगले 4 से 5 दिनों तक इसी असहनीय गर्मी को झेलना होगा। वहीं, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत में अगले 3-4 दिनों तक लू से भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी।
  • दिल्ली-NCR का हाल: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को पारा 43°C से 45°C के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में कम से कम 27 मई तक सूरज का यह उग्र रूप बरकरार रहेगा।
  • राजस्थान में लंबा इंतजार: राजस्थान के नागरिकों के लिए मुश्किलें थोड़ी लंबी हैं, क्योंकि वहां 30 मई तक लू का यह दौर खिंचने की आशंका है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और तेलंगाना भी इस हफ्ते भीषण गर्मी की चपेट में झुलसते रहेंगे।

आ रहा है 'पश्चिमी विक्षोभ': 28 मई से पलटेगी मौसम की बाजी

  • राहत की तारीख तय: झुलसती जनता के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि 28 मई से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिमी भारत में दस्तक देने जा रहा है।
  • तापमान में ऐतिहासिक गिरावट: आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव के अनुसार, इस सिस्टम के सक्रिय होते ही प्रभावित मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों के भीतर तापमान में 6°C से 8°C की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
  • बारिश और ओलावृष्टि का सस्पेंस: सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि पश्चिमी हिमालय के ऊपर बादलों का एक बड़ा और घुमावदार समूह डेरा जमा चुका है। इसके प्रभाव से ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश, बिजली कड़कने और ओले गिरने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी और बौछारें पड़ेंगी।

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सामान्य तारीख से पहले केरल तट पर मॉनसून की धमाकेदार एंट्री

  • समय से पहले दस्तक: उत्तर भारत की सूखी और जानलेवा गर्मी के बिल्कुल विपरीत, दक्षिण भारत में मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। आईएमडी ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य तारीख (1 जून) से लगभग एक हफ्ता पहले, यानी 26 मई के आसपास ही केरल के तट पर टकराने के लिए तैयार है।
  • समुद्र में गहराता सिस्टम: दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, केरल और लक्षद्वीप के ऊपर आसमान में गहरे संवहनी बादल और जोरदार आंधी-तूफान का सिस्टम साफ देखा जा सकता है, जो मॉनसून के आक्रामक आगमन की गवाही दे रहा है।
  • भारी बारिश की चेतावनी: मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि जैसे-जैसे मॉनसून आगे बढ़ेगा, 28 मई से 3 जून के बीच केरल के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, लक्षद्वीप और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

प्रशासन की सख्त हिदायत: सतर्क रहें और इन बातों का रखें ख्याल

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाला यह बदलाव इस सीजन की आखिरी सबसे भीषण गर्मी हो सकता है। 28 मई के बाद उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों को लगातार पड़ रही तीखी धूप से बहुत जरूरी राहत मिल जाएगी।

हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मई के आखिर से जून की शुरुआत के बीच जब मौसम बदलेगा, तो उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली-NCR में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने (Lightning Shifts) का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए लोगों को अचानक आने वाले इन तूफानों के प्रति बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। लू से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।