PM Modi Oil Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से खाने में तेल का इस्तेमाल कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ज्यादा तेल खाना सेहत के लिए नुकसानदायक है और भारत को बड़ी मात्रा में खाद्य तेल विदेशों से आयात करना पड़ता है। देश में सबसे ज्यादा पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल बाहर से आते हैं।
Cooking Oil Import India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशवासियों से खाने के तेल की खपत कम करने की अपील करते हुए कहा कि अत्यधिक तेल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे मोटापा, हृदय रोग व अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने लोगों से संतुलित आहार अपनाने और रोजमर्रा के भोजन में तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक घटाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत बड़ी मात्रा में खाद्य तेल आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव पड़ता है। ऐसे में तेल की बचत न केवल स्वास्थ्य बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी जरूरी है। बता दें, भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल (Edible Oil) आयातकों में शामिल है। देश की घरेलू जरूरत का लगभग 55-60% हिस्सा आयात से पूरा होता है। भारत मुख्य रूप से पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल विदेशों से मंगाता है। आइए जानते हैं भारत कौन-कौन से खाने के तेल आयात करता है?

भारत कौन-कौन से कूकिंग ऑयल विदेश से मंगाता है?
1. पाम ऑयल (Palm Oil)
सबसे ज्यादा आयात होने वाला तेल
उपयोग: खाना पकाने, स्नैक्स, बिस्कुट, पैकेज्ड फूड
प्रकार: Crude Palm Oil (CPO), RBD Palmolein, Palm Kernel Oil
मुख्य सप्लायर देश: इंडोनेशिया (Indonesia), मलेशिया (Malaysia)
2. सोयाबीन तेल (Soybean Oil)
रिफाइंड कुकिंग ऑयल के रूप में उपयोग
शहरी क्षेत्रों में मांग ज्यादा
मुख्य सप्लायर: अर्जेंटिना (Argentina), ब्राजील (Brazil)
3. सूरजमुखी तेल (Sunflower Oil)
हेल्थ सेगमेंट में लोकप्रिय
हल्का और कम गंध वाला तेल
मुख्य सप्लायर: रूस (Russia), यूक्रेन (Ukraine), अर्जेंटिना (Argentina)

4. अन्य आयातित तेल
Rapeseed Oil / Canola Oil
Olive Oil
Coconut Oil (सीमित मात्रा)
Rice Bran आधारित मिश्रित तेल
साल-दर-साल भारत का खाद्य तेल आयात (लगभग)
| वर्ष | कुल आयात (मिलियन टन) | प्रमुख तेल |
|---|---|---|
| 2019-20 | 13.35 MMT | पाम, सोया, सनफ्लावर |
| 2020-21 | 13.5 MMT | कोविड के बाद मांग बढ़ी |
| 2021-22 | 14.1 MMT | सनफ्लावर आयात बढ़ा |
| 2022-23 | 16.5 MMT | यूक्रेन युद्ध के कारण बदलाव |
| 2023-24 | 15.96 MMT | पाम कम, सनफ्लावर ज्यादा |
| 2024-25* | 16.3 MMT | सोया ऑयल रिकॉर्ड स्तर पर |
(2024-25 अनुमान/प्रारंभिक डेटा)
2023-24 में किस तेल का कितना आयात हुआ?
| तेल | आयात |
|---|---|
| पाम ऑयल | 89 लाख टन |
| सोयाबीन तेल | 34.4 लाख टन |
| सनफ्लावर तेल | 35 लाख टन |
| अन्य तेल | सीमित |
भारत को आयात की जरूरत क्यों पड़ती है?
भारत में तिलहन उत्पादन कम है, प्रति व्यक्ति तेल खपत लगातार बढ़ रही है और पाम और सोया की घरेलू पैदावार सीमित है। इसी कारण भारत को हर साल भारी मात्रा में तेल आयात करना पड़ता है। हाल के ट्रेंड की बात करें तो पाम ऑयल की हिस्सेदारी घट रही है, सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल का आयात बढ़ रहा है, सरकार आयात शुल्क (Import Duty) घटा-बढ़ाकर कीमत नियंत्रित करती है और 2025 में सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी कम की थी।
भारत के खाद्य तेल आयात
| तेल | कुल आयात में हिस्सेदारी |
|---|---|
| पाम ऑयल | 45-60% |
| सोयाबीन तेल | 20-25% |
| सनफ्लावर तेल | 20-25% |
| अन्य | 5% से कम |


