Qatar Father Amir Death: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई 2026 को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। जानिए तिरंगा आधा झुकाने का फैसला क्यों लिया गया, पीएम मोदी ने क्या कहा और किरेन रिजिजू की कतर यात्रा का उद्देश्य क्या है।
भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर (Father Amir) शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर 13 जुलाई 2026 को पूरे देश में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फैसला दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए लिया गया है। राष्ट्रीय शोक के दौरान देशभर में जहां-जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां तिरंगा आधा झुका रहेगा और किसी भी प्रकार का आधिकारिक सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय ने 12 जुलाई 2026 को जारी बयान में कहा कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों और उन स्थानों पर, जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, तिरंगा आधा झुका रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शोक के दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित नहीं होगा। यह कदम भारत और कतर के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और दिवंगत नेता के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने उन्हें दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह भारत के सच्चे मित्र थे और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रधानमंत्री के शोक संदेश के बाद भारत सरकार ने आधिकारिक स्तर पर संवेदना व्यक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
भारत की ओर से कतर जाएंगे किरेन रिजिजू
विदेश मंत्रालय के अनुसार, संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू भारत सरकार की ओर से कतर जाकर संवेदना व्यक्त करेंगे। उनका दौरा शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत की ओर से आधिकारिक श्रद्धांजलि और संवेदना संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से होगा।
भारत और कतर के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी रही है। ऐसे में पूर्व अमीर के निधन पर राष्ट्रीय शोक की घोषणा दोनों देशों के विशेष संबंधों और आपसी सम्मान को भी दर्शाती है।


