झारखंड की इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार को STF ने पाकिस्तान से जुड़े कथित आतंकी मॉड्यूल में भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में इंस्टाग्राम चैट और डिजिटल सबूत अहम हैं।
Who is Arpita Sarkar: मोटरसाइकिल राइड और ट्रैवल रील्स के लिए मशहूर झारखंड की 22 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार को पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार को गिरफ्तार किया। STF का आरोप है कि अर्पिता का नाम पाकिस्तान से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच में सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, उसने अपने कथित बॉयफ्रेंड मोहम्मद हमीम मंडल की गतिविधियों में मदद की, जिस पर जैश से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव होने का आरोप है।
कौन है अर्पिता सरकार?
अर्पिता सरकार झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा की रहने वाली है और उसे वहीं से गिरफ्तार किया गया। यह जगह कोलकाता से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। उसकी गिरफ्तारी, मोहम्मद हमीम मंडल की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई। मंडल को पश्चिम बंगाल के बर्दवान स्थित एक गेटेड हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किया गया था। STF अधिकारियों का दावा है कि अर्पिता इस नेटवर्क की सक्रिय सदस्य थी और उसे सीधे पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे। अर्पिता का ब्वॉयफ्रेंड मोहम्मद हमीम मंडल पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को निशाना बनाना चाहता था। बता दें कि गिरफ्तारी के बाद अर्पिता सरकार को बर्दवान की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 13 दिनों की STF हिरासत में भेज दिया।
कौन-से सबूत बने जांच का आधार
जांच एजेंसियों के अनुसार, अर्पिता सरकार तक पहुंचने में डिजिटल सबूत और इंस्टाग्राम चैट अहम साबित हुए। STF का कहना है कि दोनों के बीच हुई बातचीत से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। STF के एक अधिकारी ने बताया कि अर्पिता ने मोहम्मद हमीम मंडल को प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों तक पहुंच बनाने और उनसे जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने में मदद की। फिलहाल एजेंसियां डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच कर रही हैं ताकि उनकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सके।
चार साल पुराना रिश्ता, हाल में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन
अधिकारियों के मुताबिक, अर्पिता और मंडल की पहचान करीब 4 साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। बाद में दोनों का रिश्ता ऑफलाइन भी आगे बढ़ा। हालांकि STF का कहना है कि पाकिस्तान से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में दोनों पिछले कुछ महीनों से ही आए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों लगभग चार साल से रिश्ते में थे, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनका संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर्स से हाल के महीनों में हुआ।
STF का दावा- मंडल ने अर्पिता को मॉड्यूल में शामिल कराया
STF के आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, मोहम्मद हमीम मंडल ने ही अर्पिता सरकार को इस कथित मॉड्यूल से जोड़ा। इसके बाद वह सीधे पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर्स से निर्देश लेने लगीं। अधिकारियों का आरोप है कि मंडल के कहने पर अर्पिता ने पश्चिम बंगाल के एक मंत्री के बेटे को कथित तौर पर हनी-ट्रैप करने की कोशिश में भूमिका निभाई। STF का कहना है कि जांच के अनुसार अर्पिता को अपनी गतिविधियों की जानकारी थी।
एन्क्रिप्टेड चैट और विदेशी फंडिंग की भी जांच
जांच एजेंसियां दोनों के बीच हुई एन्क्रिप्टेड चैट को डिकोड करने में जुटी हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस नेटवर्क को विदेश से आर्थिक मदद तो नहीं मिल रही थी। अर्पिता सरकार ने झारखंड के BSK कॉलेज, बरहरवा से अंग्रेजी ऑनर्स की पढ़ाई की है। वहीं, मोहम्मद हमीम मंडल कॉलेज के दूसरे वर्ष में पढ़ाई छोड़ चुका था।
नेताओं की निगरानी और दिल्ली में गतिविधियों की भी जांच
STF के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले मोहम्मद हमीम मंडल कथित रूप से पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी पर नजर रख रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे पाकिस्तान से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश मिलते थे। अधिकारियों का दावा है कि उसे पुलिस की वर्दी का इंतजाम करने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक समूह का नेतृत्व करने के निर्देश भी दिए गए थे। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वह इन निर्देशों को अमल में ला पाया था या नहीं।


