जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में ड्यूटी पर तैनात 22 वर्षीय कैप्टन अमन सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे यूपी के कुशीनगर निवासी और अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।

जम्मू-कश्मीर: आजकल कम उम्र में हार्ट अटैक से मौत की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। फिट दिखने वाले और रोज एक्सरसाइज करने वाले नौजवान भी अचानक दुनिया को अलविदा कह रहे हैं। ऐसा ही एक दुखद मामला सेना से सामने आया है, जहां सिर्फ 22 साल के एक कैप्टन की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा की है। शहीद हुए जवान की पहचान 20 राजपूत राइफल्स के कैप्टन अमन सिंह के रूप में हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान वह अचानक गिर पड़े। सेना के मेडिकल ऑफिसर ने उन्हें फौरन फर्स्ट एड दिया और तुरंत एयरलिफ्ट करके श्रीनगर के 92 बेस हॉस्पिटल ले जाया गया। प्रयागराज के डिफेंस PRO, विंग कमांडर देबर्तो धर ने बताया कि इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। कैप्टन अमन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले थे और अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे।

वह पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर के बारामूला में तैनात थे। कैप्टन अमन के पिता यशवंत सिंह और मां विभा का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर हैं और फिलहाल वाराणसी में रहते हैं। अमन की अभी शादी नहीं हुई थी। गांव में उनकी दादी, चाचा-चाची और चचेरे भाई-बहन रहते हैं।

इंजीनियरिंग छोड़ TES से बने अफसर, 22 की उम्र में थम गई जिंदगी

अमन ने गोरखपुर के हॉलमार्क वर्ल्ड स्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने गाजियाबाद में बी.टेक (सिविल इंजीनियरिंग) में एडमिशन लिया। पहले सेमेस्टर के बाद ही उनका सिलेक्शन टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) के जरिए इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट के पद पर हो गया। दो साल पहले सेना में शामिल होने के बाद हाल ही में उन्हें कैप्टन के पद पर प्रमोट किया गया था। गांव वालों का कहना है कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज थे और हमेशा से देश की सेवा करना चाहते थे।

उनकी अचानक मौत से कुशीनगर जिले और उनके गांव हट में शोक की लहर है। नॉर्दर्न कमांड की चिनार कॉर्प्स ने भी कैप्टन के निधन पर दुख जताया है। चिनार कॉर्प्स ने कहा, "सेना कैप्टन के बलिदान को सलाम करती है। हम दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।" उनके एक रिश्तेदार तेज बहादुर सिंह ने बताया कि अमन अपने परिवार में अकेले थे जो डिफेंस फोर्स में शामिल हुए थे। इंजीनियरिंग में एडमिशन के बाद वह टेक्निकल एंट्री के जरिए सेना में गए। वह बहुत ही होनहार लड़के थे।