ईरान के IRGC ने हिंद महासागर में अमेरिकी जंगी जहाज़ पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है। यह ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच हुआ है, जिसमें तेहरान पर भी नए हवाई हमले शामिल हैं।

मिडिल ईस्ट में तनाव बुधवार को उस वक्त और बढ़ गया, जब ईरान की एलीट मिलिट्री फोर्स, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बड़ा दावा किया। IRGC के मुताबिक, उसने हिंद महासागर में एक अमेरिकी जंगी जहाज़ पर मिसाइल से हमला किया है। साथ ही, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर 'पूरी तरह से नियंत्रण' करने का भी ऐलान किया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान, इजरायल और सहयोगी सेनाओं के बीच लड़ाई का पांचवां दिन है। इस लड़ाई में मिसाइल हमले, हवाई हमले और कूटनीतिक खींचतान पूरे क्षेत्र में फैल गई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अमेरिकी जंगी जहाज़ पर हमले का दावा

एक सनसनीखेज घटनाक्रम में, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हिंद महासागर में ईरान के तट से लगभग 650 किलोमीटर दूर एक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर मिसाइलें दागीं। गार्ड्स के अनुसार, इस हमले से जहाज पर आग लग गई। हालांकि, अमेरिकी नौसेना ने अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है, जिससे समुद्र में वास्तव में क्या हुआ, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। इस रिपोर्ट ने इस डर को और बढ़ा दिया है कि यह संघर्ष खाड़ी क्षेत्र से आगे बढ़कर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स तक फैल सकता है।

Scroll to load tweet…

ईरान का होर्मुज पर 'पूर्ण नियंत्रण' का ऐलान

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी घोषणा की कि ईरानी सेनाओं का अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर 'पूर्ण नियंत्रण' है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट पॉइंट्स में से एक है। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को मिसाइलों या ड्रोनों से नुकसान का खतरा हो सकता है। इस बयान ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि दुनिया के तेल और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। बढ़ते खतरों को देखते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिकी नौसेना खाड़ी शिपिंग रूट से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देने के लिए तैयार है।

तेहरान पर इजरायल के नए हमले

इस बीच, इजरायल ने अपना हवाई अभियान तेज करते हुए तेहरान में ठिकानों पर हमलों की एक नई लहर शुरू की है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने ईरानी राजधानी में सुरक्षा कमांड सेंटरों सहित 'दर्जनों' ठिकानों पर हमला किया। एक AFP पत्रकार ने बताया कि हमलों के दौरान शहर के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक और धमाके की आवाज सुनी गई।

श्रीलंका के पास डूबा ईरानी युद्धपोत

एक और बड़ी घटना श्रीलंका के पास हुई, जहां अधिकारियों ने बताया कि एक विस्फोट के बाद एक ईरानी नौसेना का युद्धपोत (फ्रिगेट) द्वीप के समुद्री क्षेत्र के ठीक बाहर डूब गया। इस जहाज की पहचान IRIS Dena के रूप में हुई है, जिस पर 180 क्रू सदस्य सवार थे। श्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा कि जहाज द्वारा सुबह-सुबह मदद की गुहार भेजे जाने के बाद गंभीर रूप से घायल 32 नाविकों को बचा लिया गया। बाकी क्रू मेंबर्स के लिए तलाशी अभियान अभी भी जारी है, और विस्फोट का कारण अभी तक साफ नहीं है।

दुनिया भर से आ रही हैं तीखी प्रतिक्रियाएं

बढ़ते युद्ध पर अब दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले 'पहली नजर में... अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ लगते हैं'। वित्तीय बाजारों में भी बढ़ती चिंता साफ दिखी। दो दिन की बंदी के बाद दुबई और अबू धाबी के खाड़ी स्टॉक एक्सचेंज भारी गिरावट के साथ खुले, जबकि एशियाई बाजारों में बड़े संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट के डर से भारी नुकसान देखा गया।

मिसाइलें, ड्रोन और क्षेत्रीय हमले

ईरान ने कहा कि उसने हमलों की एक नई लहर में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 40 से अधिक मिसाइलें दागी हैं। बुधवार तड़के ईरानी मिसाइलों का पता चलने के बाद यरूशलेम और तेल अवीव सहित इजरायल के बड़े हिस्सों में सायरन बज उठे। हताहतों की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं थी, हालांकि इजरायली मीडिया ने यरूशलेम के पास छर्रों से आग लगने की सूचना दी।

उसी समय, इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए। बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और अन्य क्षेत्रों में विस्फोटों की सूचना मिली। लेबनानी अधिकारियों ने कहा कि राजधानी के दक्षिण में हुए हमलों में छह लोग मारे गए और आठ घायल हो गए।

खामेनेई की मौत के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी

ईरान ने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के लिए बुधवार शाम से शुरू होने वाले तीन दिवसीय राजकीय अंतिम संस्कार की भी घोषणा की। अमेरिकी-इजरायली हमलों में उनकी मौत ने ही मौजूदा संघर्ष को जन्म दिया है। इस घोषणा के बाद, इजरायल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि तेहरान द्वारा चुना गया कोई भी उत्तराधिकारी भी निशाना बन सकता है।

पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं

सुरक्षा चिंताएं युद्ध क्षेत्र से आगे भी फैल रही हैं। कतर ने कहा कि उसने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े दो जासूसी सेल्स को खत्म कर दिया है और 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। खाड़ी में, दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास एक ड्रोन हमले से आग लग गई, जो यह दिखाता है कि तनाव बढ़ने पर राजनयिक मिशनों को कैसे निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिका ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। उसने कराची और लाहौर में अपने वाणिज्य दूतावासों में गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है और सुरक्षा चिंताओं के कारण सऊदी अरब, साइप्रस और ओमान में मिशनों के कर्मियों को भी जाने की इजाजत दी है।

अमेरिकी सेना का ईरान के अंदर बड़े पैमाने पर हमलों का दावा

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य बलों का नेतृत्व करने वाले एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक वीडियो संदेश में कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान के अंदर लगभग 2,000 ठिकानों पर हमला किया गया है। मिसाइल हमलों के तेज होने, वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल और प्रमुख शिपिंग रूट्स पर खतरे के साथ, यह संकट अब एक और खतरनाक चरण में प्रवेश करता दिख रहा है - जिसके दूरगामी परिणाम क्षेत्र से कहीं आगे तक हो सकते हैं।