ईरान ने दक्षिणी इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइल हमला किया, जिसमें 150 से ज्यादा लोग घायल हुए। डिमोना के न्यूक्लियर सेंटर के पास हुए हमले ने इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Iran-Israel War Day 23: ईरान ने एक बार फिर इजराइल को दहला दिया है। शनिवार देर शाम दक्षिणी इजरायल में ईरान के मिसाइल हमलों से अफरा-तफरी मच गई। ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया। इन हमलों में 150 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे देश के लिए बेहद मुश्किल वक्त बताया। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें मिसाइलों को रिहायशी इलाकों में गिरते हुए देखा जा सकता है।
डिमोना और अराद क्यों हैं अहम टारगेट?
डिमोना शहर इजरायल के लिए बेहद खास है। यहां शिमोन नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर स्थित है, जिसे आमतौर पर डिमोना रिएक्टर कहा जाता है। यह न्यूक्लियर सेंटर शहर से करीब 13 किलोमीटर दूर है। अराद भी दक्षिणी इजरायल का एक प्रमुख शहर है, जिसे इस हमले में निशाना बनाया गया।
डिमोना में तबाही: 47 से ज्यादा घायल, बच्चे की हालत गंभीर
इजरायली मीडिया के अनुसार, डिमोना में हुए मिसाइल हमले में कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं। एक भारी वॉरहेड वाली मिसाइल रिहायशी इमारतों के बीच गिर गई, जिससे आसपास के घरों को भारी नुकसान पहुंचा। घायलों में एक 12 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसकी हालत छर्रे लगने के कारण गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल है।
मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर उठे सवाल
इस हमले ने इजरायल के मजबूत माने जाने वाले मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए थे, लेकिन वे हमले को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं रहे। इजरायली सेना ने कहा है कि इस विफलता की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
डिमोना में भारतीय समुदाय: ‘लिटिल इंडिया’ की पहचान
डिमोना शहर को लंबे समय से 'लिटिल इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है। यहां भारतीय-यहूदी समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। इस समुदाय के कई लोग अपनी जड़ें महाराष्ट्र से जोड़ते हैं। शहर में भारतीय दुकानों की कतारें देखने को मिलती हैं और बड़ी संख्या में लोग मराठी भाषा बोलते हैं। यहां भारत की संस्कृति का प्रभाव साफ देखा जा सकता है।
नेतन्याहू का बयान और ईरान पर आरोप
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले को बेहद कठिन समय बताया। उन्होंने अराद के मेयर से बात की और प्रभावित लोगों को हर संभव सरकारी मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने दुश्मनों के खिलाफ सभी मोर्चों पर कार्रवाई जारी रखेगा। वहीं, इजरायल के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि इजरायल का हवाई सुरक्षा तंत्र अब कमजोर पड़ चुका है।


