ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी के हमले में गंभीर घायल होकर कोमा में हैं। उनके नाम से हमले जारी रखने की धमकी दी गई है, लेकिन ईरान ने उनके घायल होने की खबरों को खारिज कर दिया है।

तेहरान/लंदन: ईरान से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामेनेई भी उसी हवाई हमले में बुरी तरह ज़ख्मी हो गए थे, जिसमें 28 फरवरी को उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी। ब्रिटिश मीडिया 'द सन' ने दावा किया है कि 56 साल के मोजतबा इस वक्त कोमा में हैं और उनका एक पैर काटना पड़ा है। ईरान की जंग की रणनीति संभालने वाले नए लीडर खुद ही ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, जिससे ईरानी हुकूमत गहरे संकट में आ गई है।

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मोजतबा का इलाज तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रहा है। बमबारी में उनके पेट और लिवर में गंभीर चोटें आई हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्री और जाने-माने ट्रॉमा सर्जन मोहम्मद रज़ा ज़फ़रगंदी की सीधी निगरानी में ICU में उनका इलाज हो रहा है। हालांकि, सेना ने अस्पताल को पूरी तरह अपने कंट्रोल में ले लिया है, इसलिए अधिकारी कोई भी जानकारी बाहर नहीं आने दे रहे हैं।

पहला संदेश

भले ही लीडर की हालत नाजुक है, लेकिन ईरान का सरकारी टीवी यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि देश में नेतृत्व का कोई संकट नहीं है। कल मोजतबा खामेनेई के नाम से एक बयान जारी किया गया। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने और पिता के खून का बदला लेने के लिए खतरनाक हमले जारी रखने की धमकी दी गई। लेकिन, लीडर का खुद सामने न आना ईरान की जनता और सेना के बीच बड़ी चिंता पैदा कर रहा है। हालांकि, ईरान ने इन सभी रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है।

लीडर भले ही शारीरिक रूप से कमजोर हों, लेकिन ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले बिना रुके जारी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने जो मिलिट्री सिस्टम खड़ा किया है, वह कोई भी बड़ी जंग लड़ने में सक्षम है। इसलिए, मोजतबा की गैरमौजूदगी में भी आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में जंग की आग और भड़कने की ही आशंका है।