Iran-America Ceasefire Update: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। पाकिस्तान ने 'इस्लामाबाद अकॉर्ड' के तहत सीजफायर का प्रस्ताव दिया है, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अस्थायी समझौते के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार नहीं है।

Iran War Ceasefire Latest News: दुनिया की नजरें इस वक्त मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग पर है। चौतरफा हमले हो रहे हैं, माहौल बेहद तनाव वाला है। ऐसे में अब खबर आ रही है कि अगले 48 घंटे इस पूरे संकट के लिए सबसे अहम हो सकते हैं। इस दौरान या तो 'शांति' का रास्ता निकलेगा या फिर युद्ध की आग और भड़क सकती है। इस बीच एक नया मोड़ भी आया है, जहां पाकिस्तान ने बीच में आकर सीजफायर का रास्ता सुझाया है। इसके लिए पाकिस्तान ने एक फॉर्मूला पेश किया है, जिसका नाम 'इस्लामाबाद अकॉर्ड' दिया गया है।

'इस्लामाबाद अकॉर्ड' क्या है?

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने अमेरिकी और ईरानी नेताओं के साथ पूरी रात बातचीत की है। इस समझौते को दो बड़े हिस्सों में बांटा गया है। पहला कदम तुरंत हमले रोकना यानी सीजफायर (Ceasefire) है और दूसरा अगले 15-20 दिनों के अंदर एक पक्का और स्थायी शांति समझौता तैयार करना। इस बातचीत में पाकिस्तान के साथ मिस्र और तुर्किये भी शामिल हैं। अमेरिका की तरफ से उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) जैसे बड़े नाम लगातार संपर्क में हैं, जबकि ईरान की तरफ से अब्बास अराकची (Abbas Araqchi) बातचीत संभाल रहे हैं।

ट्रंप का अल्टीमेटम, मंगलवार रात 8 बजे तक का समय

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने सख्त अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज स्ट्रेट (समुद्री रास्ता) नहीं खोलता और डील के लिए राजी नहीं होता, तो अमेरिका 'नरक बरसाने' (Raining Hell) के लिए तैयार है। ट्रंप ने सीधा निशाना ईरान के ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट ठिकानों पर साधा है।

ईरान ने कहा, दबाव में नहीं झुकेंगे

भले ही पाकिस्तान ने समझौते का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, लेकिन ईरान इतनी आसानी से मानने को तैयार नहीं। ईरान का कहना है कि वह सिर्फ अस्थायी शांति के बदले दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' नहीं खोलेगा। ईरान को लग रहा है कि अमेरिका बाद में स्थायी समझौते से मुकर सकता है। तेहरान ने साफ कर दिया कि वह किसी भी डेडलाइन या दबाव में फैसला नहीं लेगा।

भारत के लिए राहत की खबर

जंग के इस माहौल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। ईरान ने साफ किया है कि भारत जैसे उसके दोस्त देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से निकलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। भारत में ईरान के राजदूत ने पुष्टि की है कि कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर चुके हैं। ईरान का कहना है कि यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो सीधे तौर पर उसके खिलाफ युद्ध में शामिल हैं।

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