Iran: खामेनेई की तस्वीर जला सिगरेट सुलगा रहीं महिलाएं, क्या खत्म हुआ 'सुप्रीम खौफ'
Iran Women Protest: ईरान इन दिनों सत्ता विरोधी प्रदर्शन से सुलग रहा है। इसी बीच, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के विरोध को लेकर एक नया ट्रेंड वायरल हो रहा है। इस ट्रेंड ने ईरान के भीतर बढ़ते असंतोष और गुस्से की ओर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।

सुप्रीम लीडर की तस्वीरें जला सिगरेट सुलगा रहीं औरतें
ईरान में विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक वायरल वीडियो में कुछ ईरानी महिलाएं सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उससे सिगरेट जलाती दिखाई दे रही हैं। इसे देश की राजनीतिक और धार्मिक सत्ता के लिए एक खुली चुनौती माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा ट्रेंड
ईरान में इस तरह के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा ट्रेंड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, इंस्टाग्राम, Reddit और Telegram पर तेजी से फैल रहा है। इन वीडियो क्लिप्स को दुनिया भर में हजारों बार शेयर और रीपोस्ट किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विरोध का एक ऐसा तरीका बन चुका है, जिसे रोकना अधिकारियों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।
ईरान में सख्त कानूनों को खुली चुनौती
ईरानी कानून के मुताबिक, सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध माना जाता है। इसके साथ ही, महिलाओं द्वारा सार्वजनिक रूप से धूम्रपान करना भी लंबे समय से प्रतिबंधित है। इन दोनों कामों को एक साथ करके महिलाएं न केवल सत्ता को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि अनिवार्य हिजाब और महिलाओं की व्यक्तिगत आजादी पर लगी पाबंदियों को भी खुलकर खारिज कर रही हैं।
आर्थिक संकट के बीच भड़का जनाक्रोश
बता दें कि ईरान इस वक्त गंभीर आर्थिक दबाव से गुजर रहा है। बढ़ती महंगाई, तेजी से कमजोर होती मुद्रा और खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। देश के कई शहरों में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
नेताओं की तस्वीरें और मूर्तियां निशाने पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सीनियर नेताओं की तस्वीरें जलाने और सरकार से जुड़ी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को भी अंजाम दिया है। यह साफ संकेत है कि जनता का गुस्सा अब सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रह गया है।
महसा अमिनी आंदोलन से जुड़ी विरोध की जड़ें
यह विरोध ट्रेंड 2022 में पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया ने विरोध को नया रूप दे दिया है। छोटे-छोटे वीडियो अब मिनटों में ग्लोबल लेवल पर पहुंच रहे हैं।
सरकारी चेतावनियों के बावजूद जारी विरोध
ईरानी अधिकारियों की चेतावनियों और कड़े नियंत्रण के बावजूद इन वीडियो का लगातार बढ़ता सर्कुलेशन दिखाता है कि यह ट्रेंड अब एक ग्लोबल डिजिटल आंदोलन बन चुका है। इसके चलते ईरानी महिलाओं का विरोध अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक मंचों पर लगातार चर्चा में बना हुआ है।

