Iran Crisis: मुद्रा, महंगाई, अनदेखी..ईरान में क्यों लगी आग, जानें 5 सबसे बड़ी वजह
Iran Crisis: ईरान में लोग सड़कों पर वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरानी लोगों में इस गुस्से के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं। आइए जानते हैं ईरान में सरकार विरोधी प्रोटेस्ट की 5 सबसे बड़ी वजहें।

वजह नंबर 1 - ईरानी मुद्रा रियाल में भारी गिरावट
ईरान की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। वहां की राष्ट्रीय मुद्रा ईरानी रियाल में जारी भारी गिरावट और बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। इसके चलते राजधानी तेहरान के अलावा इस्फहान, लोरेस्टान और कई अन्य शहरों में जनता अब आर्थिक राहत की मांग करने के बजाय सीधे मौलवी शासन को खत्म करने पर अड़ी है।
वजह नंबर 2 - महंगाई 50% प्रतिशत से ऊपर पहुंची
ईरान में करंसी संकट के चलते बाजारों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। इससे रातोंरात लोगों की परचेजिंग पावर लगभग खत्म हो गई। आधिकारिक तौर पर महंगाई सालाना 50% प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है। खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। परिवारों के लिए, कुछ महीने आगे की योजना बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
वजह नंबर 3 - सरकार पर संसद और जनमत की अनदेखी का आरोप
ईरान से जुड़े मीडिया और मानवाधिकार समूहों के अनुसार, ईरान की मल्टी-रेट मुद्रा प्रणाली पर लंबे समय से भ्रष्टाचार और बाजार में विकृति के आरोप लगते रहे हैं। सरकार पर संसद और जनमत दोनों की ही अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।
वजह नंबर 4- पेजेशकियन के पास वास्तविक अधिकार नहीं
ईरान में कई प्रदर्शनकारी खुले तौर पर तर्क दे रहे हैं कि राष्ट्रपति पेजेशकियन के पास वास्तविक अधिकार नहीं हैं। इसके बजाय सुप्रीम लीडर खामेनेई और कुछ गैर-निर्वाचित संस्थान ईरान के सिस्टम पर हावी हैं। कई शहरों में शासन परिवर्तन, स्वतंत्र चुनाव और यहां तक कि निर्वासित युवराज रजा पहलवी की वापसी के नारे भी सुने जा रहे हैं।
वजह नंबर 5- मुश्किल वक्त में जनता से दूर हुए सुप्रीम लीडर
ईरान में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद हुए दंगों से लेकर महसा अमिनी की मौत के बाद हुए आंदोलनों तक, कई ईरानियों का मानना है कि सिस्टम खुद को सुधारने में सक्षम नहीं है। खामेनेई, उत्तराधिकार और बढ़ता दबाव यह अशांति ऐसे समय में हो रही है, जब खुद सर्वोच्च नेता खामेनेई संकट से जूझ रही जनता को संबोधित करने के लिए सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इससे उनके स्वास्थ्य और सत्ता पर ढीली होती पकड़ के साथ ही नए उत्तराधिकारी को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
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