इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। 31 लोगों की मौत और 170 से ज्यादा घायल हुए हैं। शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। राष्ट्रपति और मंत्रियों ने हमले की निंदा की।

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, इस हमले में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 170 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर, राहत कार्य जारी

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू सर्विस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।

इस्लामाबाद में इमरजेंसी घोषित, बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

धमाके के बाद इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख ने पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी। अधिकारियों को आशंका है कि घायलों की हालत गंभीर होने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने जताया शोक

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है। यह जानकारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में दी गई।

राष्ट्रपति बोले- बेगुनाहों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ

राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।

पाकिस्तानी मंत्री ने हमले की निंदा की

पाकिस्तान सरकार के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा कि इस्लामाबाद में हुए धमाके से वह बेहद दुखी हैं और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।

मंत्री बोले- आतंक देश का हौसला नहीं तोड़ सकता

डॉ. तारिक फजल चौधरी ने कहा कि ऐसी आतंकी घटनाएं देश और उसके लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने कहा कि शांति, सहनशीलता और स्थिरता के लिए सभी को एकजुट होकर कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए।

इससे पहले भी इस्लामाबाद में हुआ था आत्मघाती हमला

इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर भी आत्मघाती धमाका हुआ था। नवंबर 2025 में हुए उस धमाके में 12 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।