दिवाली की खुशियों के बीच मध्य प्रदेश के जबलपुर से सबसे बुरी खबर सामने आई है। जहां धनतेरस की रात एक तरफ लोग अपने घरों को दीयों से रोशन कर रहे थे, उसी वक्त जबलपुर की एक बस्ती में आग ने 50 परिवारों के आशियाने छीन लिए। जिन घरों में दिवाली की खुशियां मननी थीं, सुबह वहां सिर्फ राख और बर्बादी का मंजर नजर आया।
जबलपुर: जिस रात लोग धनतेरस की खुशियां मना रहे थे, अपने घरों को दीयों और रोशनी से सजा रहे थे, उसी रात जबलपुर की एक झुग्गी बस्ती में कई परिवारों की जिंदगी का सबसे बड़ा अंधेरा छा गया। यहां लगी भीषण आग ने देखते ही देखते करीब 50 झुग्गियों को जलाकर राख कर दिया। जिन घरों में दिवाली की तैयारियां होनी थीं, वहां अब राख और मलबे का ढेर बचा है। कई परिवारों के सिर से छत छिन गई और उनकी खुशियां मातम में बदल गईं।
रात 2 बजे लगी आग, देखते ही देखते फैली लपटें
यह घटना जबलपुर के गोहलपुर थाना क्षेत्र में लेमा गार्डन के पास स्थित गाजी नगर मैदान की झुग्गी बस्ती की है। धनतेरस की रात करीब 2 बजे अचानक एक झुग्गी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास बनी झोपड़ियां भी इसकी चपेट में आती चली गईं।
इस बस्ती में करीब 350 झुग्गियां हैं। आग फैलने से वहां रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। आग की तेजी के कारण कई परिवार अपना सामान तक नहीं निकाल सके।
13 दमकल गाड़ियों ने रातभर किया आग बुझाने का प्रयास
- आग की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम, बिजली कंपनी और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए 13 दमकल वाहन लगाए गए। दमकलकर्मी रातभर आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे।
- पानी खत्म होने पर दमकल वाहनों और टैंकरों को दोबारा भरकर घटनास्थल पर भेजा जाता रहा। एहतियात के तौर पर बिजली कंपनी ने इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी, ताकि कोई दूसरा हादसा न हो।
दिवाली से पहले उजड़ गए 50 परिवारों के आशियाने
- सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक करीब 50 झुग्गियां पूरी तरह जल चुकी थीं। जिन परिवारों ने त्योहार के लिए कुछ पैसे जोड़कर रखे थे, उनके सामने अब दोबारा घर बसाने की चुनौती है। बच्चों के कपड़े, घर का सामान और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें आग में जल गईं।
- फायर ब्रिगेड कर्मचारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव के मुताबिक, टीम ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया था। बाकी हिस्से में भी आग बुझाने का प्रयास किया गया।
- धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहार पर हुई इस घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अब इन परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे दोबारा अपना आशियाना कैसे बनाएंगे।












