Jharkhand Independence Day 2026 : झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार को अनोखा दृश्य देखने को मिला। जहां भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे हजारों छात्र हाथ में लेकर तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे। कई छात्र पिछले कई दिनों से भूखे हैं, लेकिन उनमें देशभक्ति का जज्बा कम नहीं हुआ।
रांची (झारखंड) : शनिवार, जिस दिन भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, उस दिन झारखंड की राजधानी रांची की सड़कों पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां हजारों छात्र-छात्राएं शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लेकर मार्च कर रहे थे।यह तिरंगा मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ। इसी स्टेडियम में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
हाथ में तिरंगा लिए लड़ रहे हक की लड़ाई
- अपनी भूख हड़ताल के 13वें दिन प्रदर्शन में शामिल हुए रूपेश व्हीलचेयर पर रैली में पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोगों से मिल रहे प्यार के बीच उन्हें काफी हिम्मत महसूस हो रही है।
- उन्होंने ANI को बताया, "हमने इस सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई है और हमें पूरा भरोसा है कि 15 अगस्त के मौके पर सरकार हमारी मांगें पूरी करेगी। हम 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन जो प्यार हमें मिल रहा है, उससे हम ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं।"
- भूख हड़ताल पर बैठी एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि पूरा देश तिरंगा दिवस मना रहा है, लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार नहीं है।
स्वतंत्रता दिवस पर भी भूखे बैठे छात्र
- छात्रों ने ANI से कहा, "पूरा देश तिरंगा दिवस मना रहा है, जबकि हम 12 दिनों से यहां धरने पर बैठे हैं और सरकार हमारी मांगें मानने को तैयार नहीं है।"
- इससे पहले, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिस ने कथित तौर पर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया था।
- महतो अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 14वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। वह 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह तब हुआ जब रांची विधानसभा घेराव मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया था।
- दो अन्य प्रदर्शनकारी, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति को भी तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
देवेंद्र महतों ने कहा-आखिर यह कैसी आजादी है?
- उम्मे हबीबा ने ANI से कहा, "पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। मैं पीछे नहीं रहना चाहती। मैं भी तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहती हूं। प्रशासन मुझे रोकने की कोशिश कर सकता है, लेकिन मैं जाऊंगी। यह मेरे देश के लिए मेरा प्यार है।"
- इससे पहले दिन में, महतो ने बताया था कि जब उन्होंने आज झंडा फहराने के मार्च में शामिल होने की इच्छा जताई, तो उनके अस्पताल के कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
- महतो ने X पर पोस्ट किया, "प्रदर्शन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित झंडारोहण और तिरंगा मार्च में भाग लेने की इच्छा व्यक्त करने के बाद, सदर अस्पताल में मेरे कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आखिर यह कैसी आजादी है? क्या हम अपने ही देश में तिरंगा फहराने और तिरंगा मार्च में भाग लेने के लिए भी स्वतंत्र नहीं हैं? इन मुश्किल हालात के बावजूद, मैं शांतिपूर्ण तरीके से इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहता हूं।"
- इस बीच, छात्र नेता रविंदर पासवान ने दिन में पहले कहा था कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र केवल देश की आजादी के बारे में बात करेंगे और सरकार के सामने अपनी मांगें रखने से बचेंगे। (ANI)


