योगी सरकार ने ग्रामीण युवाओं के लिए ‘कौशल दिशा’ पोर्टल लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में यह बड़ा कदम है।

उत्तर प्रदेश में रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ग्रामीण युवाओं को हुनर से जोड़ने के लिए ‘कौशल दिशा’ पोर्टल को नई ताकत के रूप में पेश किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई राह खोल रहा है, जो संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण अब तक पीछे छूट जाते थे।

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ग्रामीण युवाओं के लिए डिजिटल समाधान

‘कौशल दिशा’ पोर्टल को इस सोच के साथ विकसित किया गया है कि गांवों में रहने वाले युवा भी तकनीक के जरिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण हासिल कर सकें। यह पोर्टल राज्य में मौजूद स्किल गैप को कम करते हुए युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने का माध्यम बनेगा। सरकार का फोकस है कि प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि अवसरों की कमी को दूर किया जाए।

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घर बैठे मिलेगा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, ‘कौशल दिशा’ एक ऐसा ऑनलाइन मंच है, जहां युवा आसान पंजीकरण के बाद सेल्फ लर्निंग के जरिए प्रशिक्षण ले सकते हैं। पोर्टल पर ऑनलाइन मूल्यांकन और प्रमाणन की सुविधा भी उपलब्ध है। यह प्रशिक्षण दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 1.0 के तहत चयनित प्रमुख सेक्टरों में दिया जा रहा है।

रोजगारोन्मुख सेक्टरों पर खास जोर

इस पोर्टल के माध्यम से आईटी और आईटीईएस, पर्यटन और आतिथ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, परिधान उद्योग, होम फर्निशिंग, रिटेल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सेक्टरों को इस आधार पर चुना गया है, जहां रोजगार की वास्तविक संभावनाएं मौजूद हैं। आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई रफ्तार

‘कौशल दिशा’ पोर्टल महिलाओं के लिए भी खास अवसर लेकर आया है। जो महिलाएं सामाजिक या पारिवारिक कारणों से प्रशिक्षण केंद्रों तक नहीं जा पातीं, वे अब स्मार्टफोन और इंटरनेट के जरिए घर बैठे कौशल सीख सकेंगी। प्रशिक्षण के बाद मिलने वाला प्रमाणन उन्हें रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में आत्मविश्वास देगा।

तकनीक से मजबूत होगा कौशल इकोसिस्टम

राज्य सरकार का मानना है कि कौशल विकास को तकनीक और नवाचार से जोड़कर ही भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। ‘कौशल दिशा’ इसी सोच का हिस्सा है, जिसके जरिए उत्तर प्रदेश में एक समावेशी, मजबूत और भविष्य उन्मुख कौशल इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। यह पहल न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य के और करीब ले जाएगी।

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