Kerala Governor Non Veg Controversy : केरल के राज्यपाल बनते ही ओम प्रकाश माथुर ने लोकभन में नॉनवेज को पूरी तरह बैन कर दिया है। इसको लेकर राज्य में सियासत भी गरमा गई है। आइए इस मौके पर हम आपको बताते हैं किस राज्य में सबसे ज्यादा मांसाहारी खाना खाया जाता है।
केरलम के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के लोकभवन की रसोई में शाकाहारी खाना बनाने के निर्देश पर विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस और CPI(M) ने इस फैसले की आलोचना की, वहीं लोकभवन ने साफ किया कि कर्मचारियों के खाने पर कोई रोक नहीं है। इस विवाद के बीच आइए जानते हैं कि भारत के किन राज्यों में मछली खाने का चलन सबसे ज्यादा है और उत्तर प्रदेश-बिहार की स्थिति क्या है।
इन 10 राज्यों में नॉनवेज का चलन ज्यादा
- नागालैंड (98.85%) : पूर्वोत्तर के उन राज्यों में शामिल है जहां नॉनवेज खाना आम है।
- त्रिपुरा (99.35%) : यहां मछली खाने का चलन बहुत ज्यादा है।
- मणिपुर (99.25%) : मछली और मांस स्थानीय खान-पान का हिस्सा हैं।
- असम (99.10%) : मछली का सेवन काफी आम है।
- अरुणाचल प्रदेश (99.05%) : यहां भी मछली और मांस खाने का चलन ज्यादा है।
- पश्चिम बंगाल: (98.60%) : मछली और चावल यहां के खान-पान की खास पहचान हैं।
- मेघालय (98.50%) : नॉनवेज यहां के भोजन का अहम हिस्सा है।
- केरल ( 97.35%) : मछली और दूसरे मांसाहारी व्यंजन काफी लोकप्रिय हैं।
- तमिलनाडु : यहां मछली, चिकन और मटन का सेवन आम है।
- गोवा (95.45%) : यहां मछली और दूसरे मांसाहारी भोजन का चलन काफी ज्यादा है।
बिहार और यूपी का कौनसा नंबर?
- बिहार उन राज्यों में शामिल है जहां नॉनवेज बहुत ज्यादा नहीं खाया जाता है। यहां ऊपर दिए गए राज्यों के मुकाबले चलन काफी कम है। NFHS-5 की रिपोर्ट की मानें तो बिहार में मछली खाने की आदत भी काफी प्रचलित है। यानि बिहार नॉनवेज की लिस्ट में 17वें स्थान पर आता है।
- यूपी की बात करें तो उत्तर प्रदेश में मछली खाने वालों का प्रतिशत 55.40% है। इस आंकड़े के आधार पर यूपी लिस्ट में 24वें स्थान पर आता है।
बता दें कि भारत में खान-पान की पसंद राज्यों के हिसाब से बदलती है। पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मछली, चिकन और मटन लोगों के रोजमर्रा के खाने का हिस्सा हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 15–49 साल के 83.4% पुरुष और 70.6% महिलाएं देशभर में कभी न कभी मछली, चिकन या मांस खाते हैं। हालांकि, इन आंकड़ों में रोज, हफ्ते में और कभी-कभी खाने वाले सभी लोग शामिल हैं।


