केरल में भीषण गर्मी से बचने के लिए सांप घरों में घुस रहे हैं। पिछले 10 दिनों में सांप काटने की 60 घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई है। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और घर में ठंडी जगहों की जांच करने की सलाह दी है।

तिरुवनंतपुरम। केरल में इन दिनों लोग सांपों के खौफ में जी रहे हैं। यहां पिछले 10 दिनों में सांप काटने की 60 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें 7 लोगों की जान चली गई। आखिर केरल में अचानक सांपों का यह कहर क्यों बरपा है? भारत में पड़ रही भीषण गर्मी से सिर्फ इंसान ही नहीं, सांप भी परेशान हैं। गर्मी और धूप से बचने के लिए सांप ठंडी जगहों की तलाश में घरों में घुस रहे हैं। वे बिस्तर के नीचे, तकियों में, और बाथरूम जैसी जगहों पर छिप रहे हैं। अप्रैल और मई के महीने में सांप काटने के मामले वैसे भी बढ़ जाते हैं, और इस बार केरल इस समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है।

10 दिन में 7 लोगों की गई जान

20 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम में 8 साल के दीक्षाल दिलीप की सांप के काटने से मौत हो गई। सांप घर में बिस्तर के नीचे छिपा हुआ था और उसने दो बच्चों को काट लिया था। उसी दिन, किलिमानूर इलाके में 75 साल की सुधर्मा की भी सांप काटने से जान चली गई। 22 अप्रैल को त्रिशूर जिले में 8 साल के अल्जो सिल्डो और अनूश नाम के एक और लड़के की मौत हो गई। जब घर की तलाशी ली गई, तो वहां 5 सांप मिले। इसके अलावा, अलप्पुझा जिले में 42 साल की सलीना और 65 साल की इंदिरा रघु, कन्नूर जिले में 70 साल की नफीसा, और इडुक्की जिले में 75 साल की विशालाक्षी की भी सांप काटने से मौत हुई है।

एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

सांपों के जानकारों ने चेतावनी दी है। उनका कहना है कि तेज गर्मी और बढ़ता तापमान सांपों को ठंडी जगह खोजने पर मजबूर कर रहा है। इस मौसम में उन्हें खाने की भी कमी हो जाती है, इसलिए वे शिकार की तलाश में भी घरों में घुस आते हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि लोग घरों में बिस्तर, तकिए, और टॉयलेट जैसी सभी जगहों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह जांच लें।