लोहागढ़ किला मर्डर केस में जांच का फोकस अब सिया गोयल के परिवार की जानकारी पर है। पुलिस के अनुसार परिवार को अफेयर का पता था, लेकिन कथित हत्या की साजिश की जानकारी थी या नहीं, यह अब भी रहस्य बना हुआ है।
Ketan Agarwal Murder Case: ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल (26) हत्याकांड में जैसे-जैसे पुणे ग्रामीण पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है, कहानी और भी उलझती जा रही है। अब तक इस मामले में सिर्फ मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) पर ही शक की सुई थी। लेकिन पुलिस के नए सूत्रों और केतन के बेबस पिता अनिल अग्रवाल के बयानों ने एक ऐसा नया और हैरान कर देने वाला मोड़ ला दिया है, जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल जो इस वक्त हर किसी के जेहन में घूम रहा है, वो यह है कि-क्या सिया के परिवार को उसकी इस खौफनाक और क्रूर साजिश की भनक पहले से थी?

पुलिस का बड़ा खुलासा: परिवार को पता था अफेयर, लेकिन...
जांच से जुड़े पुलिस सूत्रों ने एक बेहद चौंकाने वाला संकेत दिया है। पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल के साथ सगाई तय होने से बहुत पहले से ही सिया और चेतन चौधरी एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। चौंकाने वाली बात यह है कि सिया के परिवार को इस अफेयर के बारे में पूरी जानकारी थी। हालांकि, वे इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे क्योंकि उन्हें चेतन अपनी बेटी के लिए एक सही जीवनसाथी नहीं लगता था।
अब जांचकर्ता इस थ्योरी पर काम कर रहे हैं कि क्या परिवार के इसी भारी विरोध के कारण सिया ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत केतन से सगाई करने के लिए हामी भरी, ताकि परिवार का ध्यान भटकाया जा सके और पीठ पीछे चेतन के साथ अपना रिश्ता जारी रखा जा सके। हालांकि, पुलिस ने अभी तक सिया के परिवार के किसी भी सदस्य को इस हत्या की साजिश में सीधे तौर पर सह-आरोपी नहीं बनाया है, लेकिन उनकी भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है।
"हमने रिश्ता ठुकराया था, वे पैर पड़ते रहे"-केतन के पिता का दर्द
इस पूरी खूनी दास्तान में सबसे बड़ा मोड़ केतन के पिता अनिल अग्रवाल के बयान से आया है। उन्होंने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि अग्रवाल परिवार ही इस शादी के लिए ज्यादा उत्सुक था। भावुक और गुस्से से भरे अनिल अग्रवाल ने बताया, "हमने शुरू में इस शादी का प्रस्ताव पूरी तरह ठुकरा दिया था। केतन अभी शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं था और हमें लगता था कि सिया की उम्र अभी बहुत कम है। लेकिन गोयल परिवार, जिन्हें हम पिछले 35-40 सालों से जानते थे, लगातार हमारे पास आता रहा। उन्होंने हमसे दोबारा सोचने के लिए बार-बार गुज़ारिश की। उनके दबाव और पुरानी दोस्ती के खातिर हम आख़िरकार मान गए। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारी शराफत का अंजाम मेरे 26 साल के बेटे की लाश होगी।"
पहले सिर पर वार किया... फिर 400 फीट नीचे फेंका
किले पर 18 जून को हुए उस खौफनाक मंजर को बयां करते हुए केतन के पिता अनिल अग्रवाल ने सिया और उसके प्रेमी की क्रूरता का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि आरोपी चेतन चौधरी जानबूझकर टू-व्हीलर (दोपहिया वाहन) से लोहागढ़ किला पहुंचा था ताकि कोई शक न करे। पिता के मुताबिक, "चेतन और सिया दोनों एक साथ किले के उस सुनसान पॉइंट पर ऊपर गए जहां केतन खड़ा था। वहां उन्होंने पहले केतन के सिर या शरीर पर किसी भारी चीज़ से हमला किया, जिससे वह संभल न सके, और फिर उसे सीधे ऊपर से नीचे गहरी खाई में फेंक दिया।" उन्होंने सिया पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर वह शादी नहीं करना चाहती थी, तो साफ़ मना कर देती। हम तुरंत सगाई तोड़ देते। किसी के जवान बेटे को इस तरह बेरहमी से मार डालने की इतनी क्रूर सोच आखिर आती कहां से है? क्या यह उनकी परवरिश का हिस्सा है?
सगाई के बाद भी चलता रहा मौत का 'काउंटडाउन'
पुलिस का आरोप है कि सगाई के बाद भी सिया और चेतन लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों ने मिलकर हफ़्तों तक इस मर्डर का प्लान तैयार किया था। इस कथित साज़िश के तहत सिया ने पहले केतन का पासपोर्ट छिपाकर उनकी बाली (Bali) की प्री-वेडिंग शूट ट्रिप को रद्द कराया। इसके बाद केतन को मारने की तीन नाकाम कोशिशें की गईं। आरोपी बार-बार लोहागढ़ किले जाकर 'परफेक्ट स्पॉट' और सही मौके की रेकी करते रहे। आखिरकार 18 जून को सिया के जन्मदिन के बहाने केतन को मौत के मुहाने तक लाया गया। शुरुआत में सिया ने इसे पैर फिसलने का हादसा बताने की पूरी कोशिश की, लेकिन केतन के अनुभवी ट्रेकर होने के दावे और परिवार के बढ़ते शक ने इस पूरी अंधी गुत्थी को सुलझा दिया। अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या सगाई के बाद भी चेतन से मिलने की छूट सिया को उसके परिवार की मूक सहमति से मिली थी या नहीं।


