पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा माना गया, लेकिन हूडी पहने संदिग्ध, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों ने कथित हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया।

Ketan Agrawal Murder Case: 18 जून, 2026 की वो सुबह लोनावाला के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर बेहद आम थी। 33 डिग्री सेल्सियस की चुभती गर्मी और तेज धूप के बीच सैलानी वादियों का लुत्फ उठा रहे थे। इसी भीड़ में रियल एस्टेट बिजनेसमैन केतन अग्रवाल (26) अपनी मंगेतर सिया गोयल (20) का जन्मदिन मनाने पहुंचे थे। कुछ ही घंटों बाद खबर आई कि केतन का पैर फिसला और वह 400 फीट गहरी खाई में जा गिरे। सिया की आंखों में आंसू थे और पुलिस ने इसे 'हादसे में मौत' मानकर फाइल बंद करने की तैयारी कर ली थी। लेकिन तभी जांच अधिकारियों की नजर एक ऐसी अजीब बात पर गई, जिसने इस पूरी कहानी को पलट कर रख दिया। जून के महीने की झुलसाती गर्मी में आखिर कोई शख्स सिर से लेकर पैर तक काले रंग की हुडी क्यों पहनेगा? इसी एक सुराग ने उस खौफनाक सच का पर्दाफाश किया, जिसकी साजिश महीनों से रची जा रही थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

Scroll to load tweet…

Scroll to load tweet…

33 डिग्री का तापमान और CCTV में कैद वो रहस्यमयी साया

शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में केतन और सिया एक साथ आगे बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन तभी स्क्रीन पर एक अजीब साया नजर आया। शॉर्ट्स और हुडी पहने एक लड़का लगातार इस जोड़े का पीछा कर रहा था। उसने हुडी की कैप को चेहरे पर इतना नीचे खींचा हुआ था कि उसका चेहरा देखना नामुमकिन था, और उसके ऊपर उसने हेडसेट लगा रखा था। जांच तब और पुख्ता हो गई जब एक फुटेज में दिखा कि सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसे देखते ही वह हुडी वाला लड़का तुरंत नीचे बैठ जाता है। पुलिस ने जब मौसम विभाग से रिकॉर्ड निकाला तो पता चला कि उस दिन वहां भारी गर्मी थी। इतनी धूप में चेहरा छिपाकर हुडी पहनने की इस सनक ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया कि यह कोई आम सैलानी नहीं, बल्कि कोई शिकारी था।

Scroll to load tweet…

डिजिटल सबूतों का जाल: हजारों कॉल्स और 'गायब' फोन का राज

CCTV के इस सुराग के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जब सिया गोयल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) निकाले गए, तो जांचकर्ता दंग रह गए। सिया के फोन से चेतन बाबूलाल चौधरी (22) नाम के लड़के को हजारों कॉल्स किए गए थे, जिनमें से कई बातचीत घंटों लंबी थीं। सोशल मीडिया प्रोफाइल की तस्वीरों से जब हुडी वाले लड़के के कद-काठी का मिलान किया गया, तो साफ हो गया कि वह पीछा करने वाला शख्स चेतन ही था। लोहागढ़ जाने से पहले चेतन ने एक शातिर अपराधी की तरह अपना मोबाइल अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया था ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन न मिले। उसने सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक अपना इंटरनेट भी बंद रखा था। घटना के वक्त उसके नंबर पर आने वाले कॉल्स का जवाब उसकी दुकान के कर्मचारी दे रहे थे, ताकि उसका 'अल्बाई' (मजबूत बहाना) तैयार रहे। वह अपने साथ एक कर्मचारी का फोन लेकर गुपचुप तरीके से किले पर पहुंचा था।

Scroll to load tweet…

सगाई से लेकर खाई तक…मौत की तीन नाकाम कोशिशें

जांच में सामने आया कि केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर के एक महल में उनकी भव्य शादी होने वाली थी। लेकिन सिया इस शादी के खिलाफ थी। वह कोंढवा के रहने वाले चेतन चौधरी से प्यार करती थी। पूछताछ में चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़ने या भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे डर था कि इससे उसके परिवार की समाज में बदनामी होगी। इसलिए दोनों ने केतन को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। केतन के परिवार और उसकी बहन संजना से पूछताछ में पता चला कि सिया पिछले कुछ दिनों से लगातार केतन पर लोहागढ़ किला जाने का दबाव बना रही थी। पुलिस के मुताबिक:

  • 31 मई: सिया पहली बार केतन को लोहागढ़ लेकर गई थी ताकि रेकी की जा सके।
  • 4 जून: वह फिर से वहां जाना चाहती थी, लेकिन केतन की मां ने उन्हें रोक दिया।
  • 14 जून: सिया ने कथित तौर पर एक चट्टान से केतन को धक्का दे दिया था, लेकिन केतन ने सूझबूझ से एक झाड़ी पकड़ ली। जब केतन ने पूछा कि यह क्या था, तो सिया ने 'सांप-सांप' का शोर मचाकर नाटक किया कि उसने केतन की जान बचाई है।

Scroll to load tweet…

खूनी साजिश का आखिरी अध्याय

आखिरकार 18 जून को इस खूनी खेल का आखिरी दांव खेला गया। जब सिया और केतन किले के उस पॉइंट पर पहुंचे जहां खाई सबसे गहरी थी, तो चेतन चौधरी पीछे से उनके पास आ मिला। मौका पाकर सिया और चेतन ने मिलकर केतन को पीछे से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। केतन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद सिया ने पुलिस को फोन कर इसे तेज हवाओं के कारण हुआ हादसा बताया। 19 जून को रेस्क्यू टीम ने बेहद मुश्किल ऑपरेशन के बाद केतन का शव बरामद किया। फिलहाल, पुणे ग्रामीण पुलिस के अधीक्षक संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए सिया और चेतन दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या और आपराधिक साजिश के जुर्म में गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। अपनी झूठी शान बचाने के लिए एक बेकसूर की जान लेने वाली कातिल मंगेतर का अंत अब कानून की कोठरी में होगा।