पुणे के कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में आरोपी चेतन चौधरी के पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय चेतन दूर खड़ा था। मामले की जांच जारी है।

पुणे के कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने दावा किया है कि उनके बेटे को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि घटना के समय चेतन उस जगह से काफी दूर खड़ा था और उसने केतन अग्रवाल को धक्का नहीं दिया।

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यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब जांच एजेंसियां उस मामले की पड़ताल कर रही हैं, जिसे पुलिस एक सुनियोजित साजिश के तौर पर देख रही है। पुलिस के अनुसार, घटना की कथित योजना कई सप्ताह पहले से बनाई गई थी और इसका अंत 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के रूप में हुआ।

पिता बोले- बिजनेस मीटिंग का कहकर घर से निकला था बेटा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबूलाल चौधरी ने बताया कि चेतन घर से अपनी मां को यह कहकर निकला था कि उसे एक बिजनेस मीटिंग में जाना है। उसने परिवार को बताया था कि वह दोपहर तक वापस लौट आएगा। परिवार को लोहागढ़ किले में हुई घटना की कोई जानकारी नहीं थी और बेटे की गिरफ्तारी के बाद ही उन्हें पूरे मामले का पता चला।

बाबूलाल चौधरी ने कहा कि उनके बेटे ने शुरू से ही केतन अग्रवाल को धक्का देने के आरोपों से इनकार किया है। उनके मुताबिक, जब वह पुलिस स्टेशन पहुंचे तो चेतन ने स्पष्ट कहा कि उसने किसी को धक्का नहीं दिया और वह घटना स्थल पर काफी दूरी पर मौजूद था।

‘केतन के सबसे करीब सिया गोयल खड़ी थी’

आरोपी के पिता ने दावा किया कि चेतन ने उन्हें बताया था कि हादसे से ठीक पहले सिया गोयल, केतन अग्रवाल के सबसे करीब खड़ी थीं। हालांकि, बाबूलाल चौधरी ने सिया गोयल पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, लेकिन उनके बेटे का कहना है कि वह खुद काफी दूर खड़ा था।

इस बीच, पुलिस और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अब तक सामने आए दावों और बयानों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, यह मामला कई सवालों के बीच जांच के केंद्र में बना हुआ है और सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।