महाराष्ट्र में तिसगांव पहाड़ी पर कुणाल चांदवाड़े को मां-पिता, पुलिस और स्थानीय लोगों ने करीब तीन घंटे तक समझाया। आखिरी कोशिश के दौरान पिता समेत तीनों की मौत हो गई। इस घटना से जुड़ा एक इमोशनल वीडियो सामने आया है।
Chhatrapati Sambhajinagar Video: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर स्थित तिसगांव के पास खावड्या डोंगर की पहाड़ी का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में 18 साल के कुणाल चांदवाड़े को उसकी मां घुटनों के बल बैठ गिड़गिड़ाते हुए पहाड़ी किनारे से दूर हटने की कोशिश करती दिख रही हैं। 3 मिनट से ज्यादा लंबे इस वीडियो में कुणाल की मां पहाड़ी के निचले हिस्से में उसके पास खड़ी होकर लगातार उससे बात करती नजर आती हैं। बातचीत के दौरान कुणाल भी अपनी मां को जवाब देता दिखाई देता है। आसपास मौजूद दूसरे लोग भी उसे किनारे से दूर आने और सुरक्षित जगह पर लौटने के लिए समझाते दिख रहे हैं।
मां-बेटे के बीच लगातार होती रही बातचीत
वीडियो में एक समय कुणाल की मां घुटनों के बल नीचे बैठ जाती हैं। वह जमीन पर रखे एक हेलमेट की तरफ इशारा करती हैं। कुणाल भी उसी हेलमेट की ओर इशारा करके जवाब देता है। इसके बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी रहती है। कुछ देर बाद कैमरा पूरे इलाके का बड़ा दृश्य दिखाता है। इसमें कई स्थानीय लोग कुणाल से बात करने और उसे समझाने की कोशिश करते नजर आते हैं। कुणाल की मां उससे लगातार मिन्नतें करती रहती हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग भी उसे पीछे हटने और सुरक्षित स्थान पर आने के लिए कहते सुनाई देते हैं।
मां ने घुटनों के बल बैठ की बेटे से विनती
वीडियो में एक भावुक पल भी दिखाई देता है। कुणाल की मां घुटनों के बल बैठकर उसकी ओर झुकती हैं। ऐसा लगता है कि वह अपने बेटे से पीछे हटने और सुरक्षित वापस आने की विनती कर रही हैं। आसपास खड़े लोग उनकी मां को उठने के लिए कहते हैं और साथ ही कुणाल को भी पीछे हटाने की कोशिश करते रहते हैं। जब कुछ लोग कुणाल की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो वह किनारे के पास ही बना रहता है। जैसे ही वह किनारे की ओर और आगे बढ़ता है, लोग पीछे हट जाते हैं।
लोगों ने पकड़ने की कोशिश की, मां भी आगे बढ़ीं
वीडियो में कुणाल की मां उसे आवाज लगाते हुए फिर उसके करीब जाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। हालांकि, आसपास मौजूद लोग उन्हें पीछे खींच लेते हैं। इस दौरान मौके पर एक पुलिसकर्मी भी दिखाई देता है। पुलिसकर्मी समेत वहां मौजूद लोग कुणाल को लगातार समझाने और स्थिति को संभालने की कोशिश करते नजर आते हैं।
करीब तीन घंटे तक पहाड़ी पर रहा कुणाल
बताया जा रहा है कि कुणाल शुक्रवार 21 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर पहुंचा था। इसके बाद वह लगभग तीन घंटे तक पहाड़ी के किनारे के पास रहा। इस दौरान उसके माता-पिता, स्थानीय लोग, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें उसे सुरक्षित वापस आने के लिए समझाती रहीं। फायर ब्रिगेड की टीमों ने भी खड़ी ढलान के नीचे सुरक्षा जाल यानी सेफ्टी नेट लगा दिए थे, ताकि किसी भी स्थिति में उसकी सुरक्षा की कोशिश की जा सके।
iPhone को लेकर परेशान था कुणाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुणाल इस बात से परेशान था कि उसके माता-पिता उसे iPhone नहीं दिला रहे थे। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद उसके माता-पिता तुरंत पहाड़ी पर पहुंच गए। तिसगांव के सरपंच संजय जाधव भी कुणाल को समझाने की कोशिश करने वाले लोगों में शामिल थे। जाधव ने बाद में बताया कि उन्होंने कुणाल से बार-बार अपनी मां के बारे में सोचने और ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की थी।
सरपंच ने iPhone देने की भी पेशकश की
कुणाल का ध्यान दूसरी तरफ लगाने और उसे सुरक्षित वापस लाने के लिए संजय जाधव ने उसे iPhone देने की पेशकश भी की थी। इसके बावजूद कुणाल काफी देर तक पहाड़ी के किनारे के पास ही रहा। परिवार और स्थानीय लोग लगातार उससे बातचीत करते रहे और उसे वापस आने के लिए मनाते रहे।
पिता की कोशिश के दौरान हुआ हादसा
आखिरकार स्थिति उस समय बेहद गंभीर हो गई, जब कुणाल के पिता मुरलीधर उसे सुरक्षित स्थान पर खींचकर लाने के लिए उसकी तरफ बढ़े। इसी दौरान कुणाल पहाड़ी से नीचे चला गया और मुरलीधर भी उसके साथ गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में दोनों की मौत हो गई। कुछ ही देर बाद कुणाल की मां संगीता की भी मौत हो गई।
पुलिस ने शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे के बाद पुलिस ने मुश्किल और खड़ी पहाड़ी वाले इलाके से तीनों के शव बरामद किए। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच अधिकारी मौके पर मौजूद लोगों और गवाहों के बयान दर्ज कर रहे हैं और मौत से जुड़ी परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। सामने आया वीडियो इस घटना से पहले मौके पर मौजूद लोगों की लगातार कोशिशों को दिखाता है। इसमें परिवार, स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को कुणाल को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश करते देखा जा सकता है।


