दिल्ली पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। ISI के इशारे पर वह बांग्लादेश में आतंकी नेटवर्क बनाने और युवाओं की भर्ती करने में लगा था। वह 2007 में भी गिरफ्तार हो चुका था।

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों ने एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, यह आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहा था। खुलासा हुआ है कि वह बांग्लादेश में एक नया आतंकी नेटवर्क बनाने में लगा हुआ था।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

खुफिया जानकारी मिलने के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने एक सोची-समझी योजना के तहत जाल बिछाया। जैसे ही लोन दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचा, उसे पकड़ लिया गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह सीमा पार से मिले निर्देशों पर काम कर रहा था।

बड़ी साजिश का पर्दाफाश!

जांच में और भी चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। यह आतंकी देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था। जांच से पता चला है कि वह दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु जैसे इलाकों में युवाओं को आतंक के रास्ते पर लाने में लगा था। यह भी जानकारी मिली है कि यही आतंकी 2007 में भी एक आतंकी मामले में गिरफ्तार हो चुका है।

एक और मास्टरमाइंड की तलाश जारी

सुरक्षा एजेंसियां अब शेख सज्जाद गुल नाम के एक और मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश में हैं। उसे 2002 में दिल्ली के निजामुद्दीन थाने में गिरफ्तार किया गया था। 2003 में सजा मिलने के बाद उसने लंबा वक्त तिहाड़ जेल में काटा। 2017 में रिहा होने के बाद वह पाकिस्तान भाग गया था। बताया जा रहा है कि अब वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन "द रेजिस्टेंस फ्रंट" के लिए काम कर रहा है।