लोहागढ़ किला केस में नया दावा सामने आया है। कर्मचारी के अनुसार, केतन के ज़िंदा होने की बात सुनकर सिया राहत की बजाय डरी दिखी। CCTV, कथित साजिश और प्रेम संबंधों के एंगल से हत्या की जांच गहरा गई है।
पुणे: पुणे के मशहूर बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो किसी भी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की कहानी को पीछे छोड़ दें। लोहागढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धकेल कर की गई केतन की हत्या के मामले में अब चश्मदीद का एक ऐसा सनसनीखेज बयान सामने आया है, जिसने मंगेतर सिया गोयल के शातिराना चेहरे को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। किले के एक सुरक्षा कर्मचारी (जो पुलिस अधिकारी भी हैं) ने बताया कि जब उन्होंने सिया को केतन के जीवित होने की बात कही, तो जो प्रतिक्रिया मिली उसने पुलिस के होश उड़ा दिए।

'आंखों में आंसू नहीं, चेहरे पर खौफ'-चश्मदीद अधिकारी का बड़ा दावा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को लोहागढ़ किले पर तैनात पुलिस अधिकारी राहुल ने इस खौफनाक मंजर की इनसाइड स्टोरी बयां की है। राहुल के अनुसार, घटना के तुरंत बाद 20 साल की सिया गोयल चिल्लाने लगी और उसने अधिकारियों को बताया कि तस्वीरें खींचते समय केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया। अधिकारी राहुल ने जांचकर्ताओं को बताया: "सिया बेहद घबराई हुई थी, लेकिन अजीब बात यह थी कि उसकी आँखों में एक भी आँसू नहीं था। हम उसे वहीं छोड़कर केतन की तलाश में नीचे खाई में उतरे। नीचे केतन खून से लथपथ हालत में मिला और उसमें कोई हलचल नहीं थी। मुझे लग गया था कि वह दम तोड़ चुका है, लेकिन ऊपर अकेली मौजूद महिला को गहरा सदमा न लगे, इसलिए मैंने ऊपर आकर सिया से झूठ कहा कि 'केतन अभी ज़िंदा है।'"
राहत के बजाय सताने लगा पकड़े जाने का डर!
पुलिस अधिकारी राहुल ने बताया कि 'केतन ज़िंदा है' यह सुनते ही सिया के चेहरे के हाव-भाव अचानक बदल गए। एक मंगेतर होने के नाते जहां उसे राहत मिलनी चाहिए थी या उम्मीद की किरण दिखनी चाहिए थी, उसकी जगह सिया साफ़ तौर पर बुरी तरह डर गई और घबरा गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि सिया को उस वक्त यह खौफ सताने लगा था कि अगर केतन बच गया, तो वह पुलिस के सामने पूरी सच्चाई उगल देगा और उसकी पूरी साजिश नाकाम हो जाएगी। यह अजीब और कातिलाना प्रतिक्रिया ही इस मामले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गई, जिसने हादसे की थ्योरी को हमेशा के लिए दफन कर दिया और हत्या की जांच को हवा दी।
कड़ाके की गर्मी में 'हुडी' पहने वो रहस्यमयी साया और CCTV का सुराग
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पहले ही आरोप लगाया था कि बेटे का शव घर आने पर भी सिया अजीब तरह से शांत थी और कोई दुख नहीं जता रही थी। पुलिस की जांच में अब यह साफ़ हो चुका है कि सिया ने केतन को ठिकाने लगाने के लिए कई बार लोहागढ़ किले का ट्रिप प्लान किया था। इससे पहले की तीन कोशिशें नाकाम रही थीं, जिसमें एक बार केतन झाड़ी पकड़कर बच गया था। लेकिन इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे बड़ा डिजिटल सबूत किले के CCTV फुटेज से मिला। जून की तपती कड़ाके की गर्मी के बावजूद, फुटेज में एक रहस्यमयी शख्स सिर पर हुडी (कपड़े का कैप) डाले लगातार केतन और सिया का पीछा करता नजर आया। पुलिस ने जब कड़ाई से जांच की, तो उसकी पहचान सिया के प्रेमी चेतन चौधरी के रूप में हुई। साजिश के मुताबिक, चेतन किले के सुनसान कोने में छिपा हुआ था और जैसे ही सिया ने उसे तयशुदा 'सिग्नल' दिया, दोनों ने मिलकर केतन को मौत की खाई में धकेल दिया। फिलहाल पुलिस इस आपराधिक साजिश के हर एक डिजिटल और फोरेंसिक सबूत को पुख्ता करने में जुटी है।
जांच के केंद्र में कई अनुत्तरित सवाल
फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस कथित आपराधिक साजिश तथा हत्या के आरोपों की जांच कर रही है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष की ओर से अभी अंतिम कानूनी प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। लोहागढ़ किले की खाई में हुई यह मौत अब केवल एक हादसे की कहानी नहीं रह गई है। कर्मचारी के ताज़ा दावे, CCTV फुटेज, परिवार के आरोप और पुलिस की जांच ने इस मामले को कई सवालों के बीच खड़ा कर दिया है। क्या यह वास्तव में एक दुर्घटना थी, या फिर इसके पीछे कोई ऐसी साजिश छिपी थी जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं?


