Lucknow Divya Mishra Murder: लखनऊ के गोमतीनगर में बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में चश्मदीद ने बताया कि आरोपी दो पिस्टल लेकर ऑटो से आया था। गोली चलाने के बाद उसने बैंक कर्मचारियों पर भी हथियार ताना और मौके से फरार हो गया।
लखनऊ डबल मर्डर केसः ऑटो से आया था, फिर...चश्मदीद ने बताया कैसे बैंक के बाहर हुई दिव्या मिश्रा की हत्यालखनऊ के गोमतीनगर में बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में अब चश्मदीदों के बयान से वारदात की तस्वीर कुछ और साफ होती दिख रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर ऑटो से बैंक के बाहर पहुंचा था और उसके हाथ में दो पिस्टल थीं। कुछ देर दिव्या से बातचीत के बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने बैंक कर्मचारियों की ओर भी हथियार तान दिया था। डर के कारण कर्मचारी बैंक के भीतर चले गए। इसके बाद आरोपी उसी ऑटो से मौके से फरार हो गया, जिससे वह वहां पहुंचा था। चश्मदीद का दावा है कि ऑटो के पीछे नंबर प्लेट भी नहीं थी।
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बैंक के बाहर बुलाकर दिव्या पर किया हमला
यह घटना गोमतीनगर थाना क्षेत्र के विवेकखंड की बताई जा रही है। दिव्या मिश्रा ICICI Bank में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय वह अपने सहकर्मियों के साथ बैंक के एक ग्राहक से मुलाकात करके वापस लौटी थीं। इसी दौरान उनके पति मानस बाजपेयी के कथित तौर पर वहां पहुंचने और दिव्या को बैंक के बाहर बुलाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई और इसके बाद दिव्या को गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल दिव्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चश्मदीद बोला- हाथ में थीं दो पिस्टल
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में एक प्रत्यक्षदर्शी ने वारदात का घटनाक्रम बताया। उसके मुताबिक, आरोपी रास्ते से आया और उसके हाथ में दो पिस्टल थीं। उसने दिव्या से बातचीत की और इसी दौरान हथियार निकालकर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर बैंक के कर्मचारी बाहर की ओर आए। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, आरोपी ने कर्मचारियों की तरफ भी पिस्टल तान दी, जिसके बाद वे घबराकर वापस बैंक के अंदर चले गए। इस घटनाक्रम ने वारदात के दौरान मौजूद लोगों के बीच पैदा हुए डर को भी सामने ला दिया।
नंबर प्लेट के बिना ऑटो से हुआ फरार?
चश्मदीद के मुताबिक, गोली चलाने के बाद आरोपी उसी ऑटो से फरार हुआ, जिससे वह बैंक के बाहर आया था। प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि ऑटो के पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी थी। हालांकि, इस तरह की जानकारी की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की गतिविधियों की कड़ी जोड़ रही है।
पुलिस ने पति को बताया मुख्य आरोपी
पूर्वी लखनऊ के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिव्या की हत्या में उनके पति मानस बाजपेयी की भूमिका सामने आई है। एडीसीपी ईस्ट अमोल मुरकुट के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर पहले से मौके पर मौजूद था और दिव्या के बैंक लौटने का इंतजार कर रहा था। पुलिस के अनुसार, दिव्या अपने सहकर्मियों के साथ ग्राहक से मुलाकात के बाद बैंक लौटी थीं। इसी दौरान आरोपी ने उन पर हमला किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह वहां कितनी देर पहले पहुंचा था और घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई।
कुछ ही देर बाद बहन की भी हत्या
दिव्या पर हमले के बाद घटनाक्रम ने और गंभीर रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक, मानस बाजपेयी गोमतीनगर के हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने घर पहुंचा। वहां उसकी बहन तूलिका उर्फ सीबा की भी गोली लगने से मौत हो गई। तूलिका की उम्र करीब 28 वर्ष बताई जा रही है। इसके बाद मानस की भी मौत हो गई। एक ही घटनाक्रम से जुड़ी इन मौतों ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है और पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
WhatsApp Status भी जांच के घेरे में
पुलिस को इस मामले में एक WhatsApp Status की जानकारी भी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, इस डिजिटल साक्ष्य में मानस ने घटना से जुड़े अपने विचार व्यक्त किए थे। पुलिस अब इस स्टेटस की प्रामाणिकता और उसके पूरे संदर्भ की जांच कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन से मिले अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, किसी सोशल मीडिया पोस्ट को जांच पूरी होने से पहले घटना की अंतिम वजह मानना उचित नहीं होगा।
आखिर क्या थी इस वारदात की वजह?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि दिव्या मिश्रा की हत्या के पीछे असल वजह क्या थी? पुलिस ने फिलहाल वारदात के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, चश्मदीदों के बयान, CCTV फुटेज और डिजिटल जानकारी को एक साथ जोड़कर जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिव्या की हत्या और बाद में तूलिका की मौत के बीच घटनाक्रम किस तरह जुड़ा हुआ था।
फिलहाल सामने आई जानकारी से इतना जरूर स्पष्ट है कि यह अचानक हुई एक साधारण झड़प का मामला नहीं था। आरोपी के कथित तौर पर हथियारों के साथ बैंक पहुंचने से लेकर दिव्या पर गोली चलाने, कर्मचारियों को हथियार दिखाने और फिर हुसड़िया चौराहे तक पहुंचने के बीच की पूरी कड़ी अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस सनसनीखेज मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
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