Mainpuri News Gas Cylinder Dispute: मैनपुरी में गैस सिलिंडर नहीं मिलने पर घर में विवाद हो गया। आरोप है कि बिना बुकिंग के सिलिंडर किसी और को दे दिया गया। परेशान होकर पत्नी मायके चली गई। जानिए पूरा मामला और गैस एजेंसी पर क्या आरोप लगे।

रसोई गैस सिलिंडर आज हर घर की जरूरत बन चुका है। लेकिन जब यही सिलिंडर समय पर न मिले, तो छोटी परेशानी भी बड़ा विवाद बन जाती है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां गैस सिलिंडर को लेकर हुए विवाद के बाद एक महिला अपने पति और बच्चों को छोड़कर मायके चली गई। यह घटना मैनपुरी के बेवर कस्बे की है, जहां एक परिवार को गैस सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से कई दिनों तक परेशानी झेलनी पड़ी। धीरे-धीरे यह मामला इतना बढ़ गया कि घर में तनाव पैदा हो गया।

12 मार्च को खत्म हुआ गैस सिलिंडर

बेवर कस्बा के जीटी रोड निवासी शिव शंकर अग्रवाल ने बताया कि उनके घर का गैस सिलिंडर 12 मार्च को खत्म हो गया था। अगले दिन 13 मार्च को वे गैस एजेंसी पर नया सिलिंडर लेने पहुंचे। जब उन्होंने सिलिंडर बुक कराने की कोशिश की तो उनके मोबाइल पर एक संदेश आया। इस संदेश में लिखा था कि उनके नाम से सिलिंडर की पर्ची 2 मार्च को ही निकल चुकी है। यह देखकर शिव शंकर हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने 2 मार्च को न तो गैस बुकिंग कराई थी और न ही सिलिंडर लिया था।

शिव शंकर अग्रवाल ने गैस एजेंसी संचालक से इस बारे में बात की। उन्होंने पूछा कि जब उन्होंने बुकिंग ही नहीं कराई, तो फिर उनके नाम से सिलिंडर कैसे जारी हो गया। उनका कहना है कि यह या तो एजेंसी की आंतरिक गड़बड़ी है या फिर किसी और को गलत तरीके से सिलिंडर दे दिया गया।

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पत्नी नाराज होकर मायके चली गई

शिव शंकर ने जब यह पूरी बात अपनी पत्नी रचना अग्रवाल को बताई, तो घर में बहस शुरू हो गई। रचना ने साफ कहा कि किसी भी तरह गैस सिलिंडर लेकर आएं, क्योंकि घर में खाना बनाना मुश्किल हो रहा था। गैस न होने की वजह से दो-तीन दिन तक घर में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ा। इससे परेशानी और बढ़ गई। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर रचना नाराज हो गईं और कुछ दिन बाद अपने मायके सौरिख चली गईं।

गैस एजेंसी पर लापरवाही के आरोप

इस पूरे मामले में शिव शंकर अग्रवाल ने गैस एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना बुकिंग के किसी उपभोक्ता के नाम पर सिलिंडर जारी होना गंभीर मामला है। ऐसी गड़बड़ी से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अगर सिलिंडर किसी और को दे दिया गया है, तो इसकी जांच होनी चाहिए।

पारदर्शिता की कमी से बढ़ती हैं ऐसी समस्याएं

इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि कई बार गैस एजेंसियों में बुकिंग और डिलीवरी को लेकर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रहती हैं। अगर गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और सही रिकॉर्ड रखा जाए, तो ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है।

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