- Home
- News
- 'उसे धक्के देकर बाहर निकालो': अरे! ममता बनर्जी को लेकर ये क्या और क्यों बोल गए महेश जेठमलानी?
'उसे धक्के देकर बाहर निकालो': अरे! ममता बनर्जी को लेकर ये क्या और क्यों बोल गए महेश जेठमलानी?
पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा टकराव-ममता बनर्जी का हार के बावजूद इस्तीफा से इनकार, महेश जेठमलानी ने राज्यपाल से उन्हें हटाने को कहा। चुनाव नतीजों, संवैधानिक अधिकार और “कुर्सी बचाओ” की जंग के बीच क्या होगा अगला कदम-कोर्ट, गवर्नर या राजनीतिक दबाव?

Mamata Banerjee Resignation Row: भारत की राजनीति में एक असाधारण संवैधानिक टकराव उभरता दिख रहा है, जहां पश्चिम बंगाल की राजनीति एक अभूतपूर्व संवैधानिक टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस्तीफा न देने के फैसले ने सत्ता, कानून और मर्यादा-तीनों को एक ही मंच पर ला खड़ा किया है। वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी (Mahesh Jethmalani) के तीखे बयान ने इस विवाद को और भड़का दिया है।
“इस्तीफ़ा नहीं दूंगी”-एक बयान जिसने सब कुछ बदल दिया
चुनावी हार के बावजूद ममता बनर्जी ने साफ कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। उनका दावा है कि उनकी पार्टी की करीब 100 सीटें “छीन ली गईं”। यह बयान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक बहस का केंद्र बन गया है। क्या एक मुख्यमंत्री चुनाव परिणामों के बाद भी पद पर बने रह सकते हैं? यही सवाल अब सियासी गलियारों में गूंज रहा है।
#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee says, "I will not resign, I did not lose, I will not go to Raj Bhavan...The question doesn't arise. No. Now, I also want to say that we didn't lose the election. It is their attempt to defeat us. Officially, through the Election… pic.twitter.com/AKKFvQ2gvq
— ANI (@ANI) May 5, 2026
“बाहर निकालो”-जेठमलानी का बड़ा संवैधानिक वार
महेश जेठमलानी ने इस पूरे घटनाक्रम को “लोकतंत्र के लिए चुनौती” बताया। उनके मुताबिक, जैसे ही चुनाव परिणामों को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया जाता है, मौजूदा सरकार का नैतिक और संवैधानिक आधार खत्म हो जाता है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार करती हैं, तो राज्यपाल पुलिस के जरिए उन्हें “बाहर निकलवा” सकते हैं। यह बयान अभूतपूर्व है और सीधे तौर पर राज्यपाल की शक्तियों को केंद्र में लाता है।
#WATCH | On West Bengal CM Mamata Banerjee's "I will not resign, I did not lose" statement, Senior Advocate Mahesh Jethmalani says, "Mamata Banerjee is a politician who is desperate to cling on to power that she doesn't know how to leave gracefully. The result of her not leaving… pic.twitter.com/42YWfv30ct
— ANI (@ANI) May 5, 2026
संवैधानिक पेच: क्या सच में हटाए जा सकते हैं CM?
भारतीय संविधान के तहत मुख्यमंत्री “राज्यपाल की मर्जी” से पद पर बने रहते हैं। ऐसे में अगर नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो चुका है, तो मौजूदा मुख्यमंत्री का पद पर बने रहना विवादास्पद हो जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति एक संवैधानिक संकट का रूप ले सकती है, जहां न्यायपालिका की भूमिका भी अहम हो सकती है।
Now new Drama unlocked
Mamata Banerjee refuses to resign & said-I did not lose, I will not go to Raj Bhavan. Shockingly even after defeat mamata's hooliganism refuses to die.
Mamata rejects mandate.#peopleofbengal#rajbhavan#mamatabanerjee#governerpic.twitter.com/c8BoCOVaBI— Ayushi Ojha (@anchorayushi12) May 5, 2026
BJP की जीत और बढ़ता दबाव
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की निर्णायक जीत के बाद ममता बनर्जी पर दबाव और बढ़ गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (Himanta Biswa Sarma) ने भी साफ कहा कि “अगर इस्तीफा नहीं दिया गया, तो बर्खास्तगी तय है।”
कोर्ट या टकराव-अगला कदम क्या?
जेठमलानी ने सुझाव दिया कि अगर ममता बनर्जी के पास चुनावी धांधली के सबूत हैं, तो उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए। लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करतीं और पद पर बनी रहती हैं, तो यह मामला सीधे टकराव की ओर बढ़ सकता है-जहां राज्यपाल, पुलिस और शायद कोर्ट-तीनों एक साथ सक्रिय हो सकते हैं।
7 मई-डेडलाइन या निर्णायक दिन?
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। यह तारीख अब सिर्फ एक औपचारिक सीमा नहीं, बल्कि एक निर्णायक मोड़ बन चुकी है। क्या उससे पहले इस्तीफा होगा, या फिर संवैधानिक कार्रवाई? इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है-क्या जनादेश के बाद भी सत्ता से चिपके रहना संभव है, या फिर संविधान अंततः अंतिम फैसला सुनाएगा? आने वाले कुछ दिन इस रहस्य से पर्दा उठाने वाले हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

