पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले भवानीपुर के स्ट्रांग रूम के बाहर बड़ा हंगामा हो गया। बीजेपी झंडे लगी गाड़ी को अंदर जाने देने के आरोप पर ममता बनर्जी चार घंटे धरने पर बैठीं। चुनाव आयोग ने मामले पर सफाई दी है।

पश्चिम बंगाल में मतगणना शुरू होने से ठीक पहले राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। चुनावी नतीजों से पहले जहां सभी दल स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं राजधानी कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में नया विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि स्ट्रांग रूम परिसर में बीजेपी के झंडे लगी गाड़ियों को प्रवेश की अनुमति दी गई, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं और करीब चार घंटे तक धरने पर बैठीं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब राज्य में मतगणना शुरू होने में 24 घंटे से भी कम समय बचा है और राजनीतिक दलों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है।

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सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल के बाहर बढ़ा विवाद

यह घटना कोलकाता के सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल में हुई, जहां स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुछ वाहनों को बिना पर्याप्त जांच के परिसर के अंदर जाने दिया गया। टीएमसी समर्थकों का कहना है कि एक वाहन पर बीजेपी का झंडा और लोगो लगा हुआ था, जबकि वाहन पर “Army” भी लिखा हुआ था। आरोप लगाया गया कि सुरक्षा जांच के बिना वाहन को आगे बढ़ने दिया गया, जिस पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। घटना के बाद बड़ी संख्या में टीएमसी समर्थक स्कूल के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

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ममता बनर्जी चार घंटे तक धरने पर बैठीं

स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति कुछ लोगों और वाहनों को स्ट्रांग रूम क्षेत्र में प्रवेश दिया गया। ममता बनर्जी करीब चार घंटे तक धरने पर बैठीं और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतगणना से पहले किसी भी प्रकार की लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भवानीपुर विधानसभा सीट ममता बनर्जी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए यहां सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता और अधिक बढ़ गई है।

टीएमसी कार्यकर्ताओं ने क्या आरोप लगाए?

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में एक टीएमसी कार्यकर्ता ने दावा किया कि पुलिस सामान्य वाहनों की कड़ी जांच कर रही थी, यहां तक कि साइकिलों की भी जांच की जा रही थी। लेकिन इसी दौरान एक वाहन को बिना रोक-टोक अंदर जाने दिया गया। एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि वाहन सफेद रंग का था, जिस पर बीजेपी का लोगो लगा हुआ था और पीछे “Army” लिखा था। उनका सवाल था कि जब बाकी सभी वाहनों की जांच हो रही थी, तब उस वाहन को बिना जांच के अंदर कैसे जाने दिया गया। इन आरोपों के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया।

चुनाव आयोग ने दी सफाई

पूरे विवाद पर चुनाव आयोग की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संबंधित वाहन केवल हरीश मुखर्जी रोड से गुजर रहा था। अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों और पुलिस ने वाहन की जांच की थी और उसमें कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद उसे आगे जाने की अनुमति दी गई। चुनाव आयोग का कहना है कि मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मतगणना से पहले क्यों बढ़ रही है सतर्कता?

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। यही वजह है कि राजनीतिक दल स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में स्ट्रांग रूम के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी देखी जा रही है। कई जगहों पर छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर भी विवाद और प्रदर्शन सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कड़े मुकाबले वाले चुनावों में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और पारदर्शिता सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक बन जाती है।

सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना

राज्य की 293 विधानसभा सीटों पर सोमवार, 4 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। फालटा विधानसभा सीट को छोड़कर बाकी सभी सीटों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही अन्य चुनावी राज्यों के परिणाम भी सामने आएंगे। राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर अब मतगणना के दिन पर टिकी हुई है, क्योंकि उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। मतगणना से पहले भवानीपुर में हुआ यह विवाद साफ संकेत देता है कि चुनावी माहौल अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और आने वाले घंटों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

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