ईरान की क्षेत्रीय सुरक्षा बैठक में पाकिस्तान के आसिम मुनीर की मौजूदगी पर मौलाना फजलुर रहमान ने ख्वाजा आसिफ पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि रक्षा से जुड़े मामलों में रक्षा मंत्री ही गायब रहे।

पाकिस्तान में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ईरान में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने इस मामले में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री की जगह आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी क्यों शामिल हुए?

'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को नेशनल असेंबली में अपने संबोधन के दौरान फजलुर रहमान ने तेहरान में हुई इस बैठक का जिक्र किया। इसमें पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, गृह मंत्री मोहसिन नकवी और ईरान, सऊदी अरब तथा तुर्की के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।

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मौलाना फजलुर रहमान ने ख्वाजा आसिफ पर कसा तंज

  • मौलाना फजलुर रहमान ने बैठक का जिक्र करते हुए कहा, "ईरान में एक रक्षा समझौता आकार ले रहा है, वहां एक बैठक चल रही है और रक्षा मंत्री यहां बैठे हैं।"
  • उनकी इस टिप्पणी के बाद नेशनल असेंबली में हंसी गूंज उठी और सदस्यों ने मेजें थपथपाईं।
  • फजल ने बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाया।
  • उन्होंने पूछा, "क्या वहां गृह मंत्री की भी जरूरत थी?" उनकी टिप्पणी का निशाना यह था कि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ मौजूद नहीं थे, जबकि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी शामिल हुए।

ख्वाजा आसिफ के पुराने बयान से किया पलटवार

मौलाना फजलुर रहमान ने ख्वाजा आसिफ पर निशाना साधने के लिए उन्हीं के पुराने शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर तंज कसने के लिए रक्षा मंत्री की ओर से पहले कही गई बात दोहराई। फजलुर रहमान ने कहा, "यही है आपका सम्मान और कद। कोई शर्म होती है, कोई हया होती है।" यह कहते हुए वह खुद भी हंस पड़े। उनकी इस टिप्पणी से सदन में राजनीतिक माहौल चर्चा का विषय बन गया।

ख्वाजा आसिफ ने रक्षा समझौते की खबरों को नकारा

गुरुवार को नेशनल असेंबली में जवाब देते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इन खबरों को खारिज किया कि तेहरान में किसी रक्षा समझौते पर बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई चर्चाओं का पाकिस्तान की रक्षा या उससे जुड़े मामलों से कोई लेना-देना नहीं था। आसिफ ने यह भी कहा कि पिछले साल भारत के साथ हुए सैन्य टकराव के बाद आसिम मुनीर ने शांति बनाए रखने और बातचीत को बढ़ावा देने की भूमिका अपनाई है।

ईरान में क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई चर्चा

  • तेहरान में हुई बैठक में आसिम मुनीर, मोहसिन नकवी, सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और तुर्की के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कलिन शामिल हुए। इनके अलावा ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि सभी पक्ष 4 क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग मजबूत करने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं। खास तौर पर शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी क्षेत्रीय एकता की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ने से उन्हें साझा चुनौतियों का सामना करने और बाहरी दबाव का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। इस बीच, पाकिस्तान में आसिम मुनीर की भूमिका और ख्वाजा आसिफ की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।