Misa Bharti FIR: जमुई मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने के आरोप को लेकर मीसा भारती CM सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR की मांग लेकर सचिवालय थाने पहुंचीं। जानें क्या है पूरा विवाद और POCSO में क्या प्रावधान है।

जमुई में नाबालिग से कथित बदसलूकी के मामले ने अब बिहार की राजनीति में नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पीड़िता और उसके परिवार के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर RJD ने सवाल उठाए हैं। इसी मामले में RJD सांसद मीसा भारती शुक्रवार को सचिवालय थाने पहुंचीं और मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। हालांकि, उनके आरोपों पर पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि सामने नहीं आई है।

मीसा भारती ने क्या आरोप लगाए?

मीसा भारती का आरोप है कि जमुई मामले की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर वह FIR दर्ज कराने थाने पहुंची थीं, लेकिन उनका आवेदन नहीं लिया गया। मीसा भारती ने यह भी सवाल उठाया कि अगर एक सांसद की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज नहीं हो रहा है तो आम नागरिक की स्थिति क्या होगी।

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POCSO में बच्चे की पहचान को लेकर क्या नियम है?

POCSO Act की धारा 23 मीडिया रिपोर्टिंग के दौरान बच्चे की पहचान उजागर करने पर रोक लगाती है। इसमें नाम, पता, तस्वीर, परिवार, स्कूल, पड़ोस या ऐसी कोई जानकारी शामिल है जिससे बच्चे की पहचान सामने आ सकती है। विशेष अदालत बच्चे के हित में लिखित कारणों के साथ ऐसी जानकारी की अनुमति दे सकती है। इसलिए इस मामले में मुख्य कानूनी सवाल यह है कि साझा की गई तस्वीर या उससे जुड़ी जानकारी से क्या नाबालिग की पहचान वास्तव में सामने आई और संबंधित कानूनी प्रावधान किस तरह लागू होते हैं।

तस्वीर हटाई गई, विवाद फिर भी जारी

रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। RJD नेता तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने इसी तस्वीर का स्क्रीनशॉट साझा कर कार्रवाई की मांग की। वहीं, जमुई मामले में पुलिस पहले ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है और घटना से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में अब विवाद का एक अलग पहलू नाबालिग की पहचान की सुरक्षा और मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत पर केंद्रित हो गया है।

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