राज्य सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इस वर्ष गेहूं खरीदी पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा और पंजीयन की अंतिम तिथि 10 मार्च तक बढ़ा दी गई है। साथ ही उड़द खरीदी पर ₹600 बोनस और सिंचाई के लिए किसानों को दिन में बिजली देने की घोषणा भी की गई है।

मध्यप्रदेश सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार नई योजनाएं और फैसले लागू कर रही है। इसी क्रम में किसानों के मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों की समस्याओं और जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से गेहूं खरीदी पर बोनस, उड़द पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और सिंचाई के लिए दिन में बिजली देने जैसे अहम फैसलों की घोषणा की है।

गेहूं खरीदी 2026: किसानों को मिलेगा ₹40 प्रति क्विंटल बोनस

राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों को राहत देते हुए गेहूं खरीदी पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को गेहूं उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

गेहूं पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 10 मार्च तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने का भी फैसला किया है। पहले यह अंतिम तिथि 7 मार्च तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है। इससे ऐसे किसान भी अपना पंजीयन करा सकेंगे जो किसी कारणवश पहले रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे।

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उड़द खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा

सरकार ने किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उड़द खरीदी पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। सरकार ने किसानों से अधिक से अधिक उड़द की खेती करने की अपील की है, ताकि उन्हें इस बोनस का लाभ मिल सके। इससे किसानों को आर्थिक फायदा होगा और अगली फसल की तैयारी भी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

सिंचाई के लिए किसानों को दिन में बिजली देने की योजना

किसानों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का भी फैसला किया है। अक्सर किसान रात में बिजली मिलने के कारण खेतों में सिंचाई करने जाते हैं, जिससे कई बार दुर्घटनाओं या अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दिन में बिजली उपलब्ध होने से किसान सुरक्षित तरीके से सिंचाई कर सकेंगे और उन्हें रात में खेतों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।