एक अंतरराज्यीय चोर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 5 घंटे तक तालाब में छिपकर कमल की डंडी से सांस ली। RPF ने गोताखोरों की मदद से उसे जबलपुर में पकड़ा। वह कई राज्यों में चोरी के मामलों में वॉन्टेड था।

जबलपुर (मप्र). एक अंतरराज्यीय चोर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ऐसा पैंतरा अपनाया कि सब हैरान रह गए। वो करीब पांच घंटे तक पानी के अंदर डूबा रहा और सांस लेने के लिए कमल की एक खोखली डंडी का इस्तेमाल करता रहा। हालांकि, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने गोताखोरों को बुलाकर उसे आखिरकार पकड़ ही लिया। यह घटना 6 अप्रैल की सुबह जबलपुर डिवीजन के सिहोरा रेलवे स्टेशन पर हुई। सुबह करीब 4:50 बजे, RPF के जवान प्रीवेंटिव ड्यूटी पर थे, तभी उन्होंने ट्रेन नंबर 11753 से एक संदिग्ध आदमी को उतरते देखा। जब जवानों ने उसे टोका, तो उसने भागने की कोशिश की। आरोप है कि उसने ट्रेन में एक महिला का पर्स चुराने की कोशिश की थी।

जैसे ही अधिकारी उसके करीब पहुंचे, आरोपी पास के बाजार के नजदीक काई से भरे एक तालाब में कूद गया। बचने के लिए उसने एक सोचा-समझा और खतरनाक तरीका अपनाया। वो घंटों तक पानी के अंदर छिपा रहा और किसी को पता न चले, इसके लिए कमल की खोखली डंडी से सांस लेता रहा। लेकिन RPF ने भी हार नहीं मानी। उन्होंने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और तालाब में तलाशी के लिए गोताखोरों को तैनात कर दिया। काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद, आखिरकार आरोपी का पता चल गया और उसे बाहर निकाला गया। तब भी उसने एक आखिरी बार भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया। इस हाथापाई में उसे मामूली चोटें भी आईं।

शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को अपनी पहचान के बारे में गुमराह करने की कोशिश की। बाद में उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले हरविंदर सिंह (32) के रूप में हुई। RPF अधिकारियों ने टाइम्स ऑफ इंडिया की एक पुरानी रिपोर्ट और इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के जरिए रिकॉर्ड की पुष्टि कर उसकी पहचान कन्फर्म की।

अधिकारियों ने बताया कि सिंह एक शातिर अंतरराज्यीय अपराधी है, जिस पर ट्रेन यात्रियों से चोरी और छीना-झपटी के कई मामले दर्ज हैं। उसने कथित तौर पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में चोरियों को अंजाम दिया है। उसके खिलाफ IPC की धारा 379 और 411 के तहत कई केस दर्ज हैं।

वह भोपाल, इटारसी, उज्जैन, इगतपुरी और विशाखापत्तनम की GRP यूनिट्स में कई मामलों में वॉन्टेड है और उसके खिलाफ कई वॉरंट भी पेंडिंग हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि उसके काम करने का तरीका यह था कि वह बिना टिकट के ट्रेनों में चढ़ता, कमजोर यात्रियों—खासकर महिलाओं और बुजुर्गों—को निशाना बनाता और कीमती सामान चुराकर बीच के स्टेशनों पर उतर जाता था।

पकड़े जाने से बचने के लिए सिंह अपने पास कोई पहचान पत्र नहीं रखता था और बार-बार सिम कार्ड बदलता रहता था। RPF पोस्ट जबलपुर में रेलवे एक्ट के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कई GRP यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है, और GRP इगतपुरी, भोपाल और इटारसी ने उसके खिलाफ मौजूदा वॉरंट की पुष्टि भी कर दी है। अब उसे रिमांड के लिए जबलपुर में स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। यह ऑपरेशन IPF राजीव खरब के नेतृत्व में 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत किया गया, जिसमें SI अरविंद और कांस्टेबल विनय मौर्य व आशीष यादव भी शामिल थे।