Nana Patekar Death: नाना पाटेकर ने ढाई साल की उम्र में अपना पहला बेटा खो दिया था। इस हादसे ने उनकी जिंदगी और सोच को हमेशा के लिए बदल दिया। जानिए उनकी जिंदगी का अनकहा दर्द।
Nana Patekar Death News: पर्दे पर कभी खौफ पैदा करने वाले तो कभी अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले नाना पाटेकर की जिंदगी का एक दर्द ऐसा था, जिसे उन्होंने सालों अपने भीतर दबाकर रखा। 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में उनके निधन की खबर ने एक बार फिर उनकी निजी जिंदगी के उस अध्याय को चर्चा में ला दिया है। नाना का गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हुआ।
ढाई साल की उम्र में बेटे को खो दिया
नाना पाटेकर ने 1978 में नीलकांति से शादी की थी। शादी के करीब एक साल बाद उनके घर बेटे का जन्म हुआ। जन्म से ही बच्चे के होंठ कटे हुए थे और उसे स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां भी थीं। नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि शुरुआत में वह इस बात को लेकर परेशान रहते थे कि लोग उनके बेटे को देखकर क्या कहेंगे।
लेकिन वक्त के साथ उनका बेटे से गहरा लगाव हो गया। फिर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और महज ढाई साल की उम्र में बच्चे की मौत हो गई। नाना ने बताया था कि वह जानते थे कि बच्चा ज्यादा समय तक नहीं रह पाएगा, लेकिन जब वह उनसे दूर हुआ तो वह अंदर तक टूट गए।
यह भी पढ़ें: नाना पाटेकर की लाइफ का सबसे बड़ा दर्द क्या था? जिसे रोज याद कर हो जाते थे भावुक
उस हादसे ने बदल दिया नाना का नजरिया
बेटे की मौत का असर इतना गहरा था कि नाना लंबे समय तक डिप्रेशन और नशे की गिरफ्त में रहे। इस त्रासदी ने उन्हें जिंदगी, रिश्तों और शोहरत को बिल्कुल अलग नजर से देखना सिखाया। बाद में उनके घर बेटे मल्हार का जन्म हुआ, जिनसे नाना का बेहद करीबी रिश्ता रहा।
सादगी और समाजसेवा से बनाई अलग पहचान
नाना पाटेकर की निजी जिंदगी हमेशा चकाचौंध से दूर रही। पत्नी नीलकांति से वह लंबे समय से अलग रहते थे, हालांकि दोनों का तलाक नहीं हुआ। फिल्मों की सफलता के बावजूद उनका जीवन बेहद साधारण रहा और वह सामाजिक कार्यों, खासकर किसानों की मदद के लिए भी जाने जाते रहे। नाना का पर्दे वाला व्यक्तित्व भले ही बेहद ताकतवर था, लेकिन उनकी जिंदगी का यह दर्द बताता है कि कैमरे के पीछे वह कितने संवेदनशील इंसान थे।
यह भी पढ़ें: नाना पाटेकर ने जब देखीं सैकड़ों विधवाएं, फिर जो किया वो आज भी याद किया जाता है
