CJP Protest 2.0 क्या है? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने यह प्रदर्शन क्यों आयोजित किया है? जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन की मुख्य मांगें क्या हैं? NEET पेपर लीक विवाद से CJP का क्या संबंध है? CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों मांग रही है?
CJP ON NEET Controversy: परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक विवाद के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन के समर्थक 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं। प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों से अपील की है कि वे अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आएं। इस अपील ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है।

अभिजीत दिपके ने समर्थकों से की खास अपील
संगठन द्वारा जारी एक वीडियो में अभिजीत दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी "कॉकरोच" अपने साथ एक थाली और एक चम्मच जरूर लेकर आएं। उन्होंने संकेत दिया कि इसके पीछे का संदेश लोग पहले से समझते हैं और विरोध प्रदर्शन के दौरान इसका इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस से मिली प्रदर्शन की अनुमति
CJP ने बताया कि उन्हें दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति मिल चुकी है। यह विरोध प्रदर्शन दोपहर 1 बजे जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगों में NEET परीक्षा विवाद और अन्य परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। 20 जून का यह प्रदर्शन दिल्ली में CJP का दूसरा बड़ा आंदोलन होगा। इससे पहले 6 जून को भी जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसके अलावा संगठन पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर सहित कई शहरों में भी प्रदर्शन कर चुका है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
थाली और चम्मच का प्रतीकात्मक संदेश क्या है?
थाली और चम्मच लाने की अपील को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मार्च 2020 की उस अपील से जोड़कर देखा जा रहा है, जब कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने लोगों से स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान में ताली और बर्तन बजाने का आग्रह किया था। उस समय प्रधानमंत्री ने लोगों से शाम 5 बजे अपनी बालकनी, छत या खिड़की पर आकर पांच मिनट तक ताली और थाली बजाकर कोरोना योद्धाओं का आभार जताने को कहा था। अब CJP उसी प्रतीक का इस्तेमाल करते हुए अपनी नाराजगी और मांगों को सामने रखने की तैयारी कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी से मुआवजे की मांग
अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की है, जिनकी परीक्षा विवादों के बीच कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हुई है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
दिपके ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि जब लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा हो, तब जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठन पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है और इसी उद्देश्य से देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
छात्रों की मानसिक स्थिति पर जताई चिंता
अपने पत्र में दिपके ने कहा कि देश के छात्रों के सामने एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनका दावा है कि हाल के हफ्तों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से पांच मामलों की जानकारी पिछले 48 घंटों में सामने आई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने, दोबारा परीक्षा की आशंका और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने छात्रों का मानसिक दबाव और बढ़ा दिया है।
शिक्षा लोन और परिवारों की मुश्किलें
दिपके ने कहा कि कई परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी शिक्षा ऋण लिया है। ऐसे में परीक्षा विवादों का असर सिर्फ छात्रों पर ही नहीं बल्कि पूरे परिवार पर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग की। CJP का कहना है कि शिक्षा मंत्री को हटाना सरकार की कमजोरी नहीं बल्कि जवाबदेही के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का संकेत होगा। दिपके के अनुसार, यदि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो छात्रों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा और कमजोर हो सकता है।


