नीट की दोबारा परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है। केंद्रीय बल प्रश्नपत्रों की सुरक्षा करेंगे। परीक्षा में कुछ बदलाव भी हुए हैं। पेपर लीक को लेकर CJP शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रही है।
नई दिल्ली: नीट की दोबारा होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब परीक्षा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा। CRPF और CISF के जवान 551 शहरों से एग्जाम सेंटरों तक क्वेश्चन पेपर पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। यही नहीं, परीक्षा के बाद OMR शीट को वापस ले जाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की होगी। इसके अलावा, क्वेश्चन पेपर्स को अलग-अलग जगहों पर पहुंचाने का काम वायु सेना को सौंपा गया है।

इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG की दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए कुछ नए बदलाव भी किए हैं। इस साल से परीक्षा का समय 195 मिनट होगा। इसके साथ ही, रफ काम के लिए दिए जाने वाले पेजों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 कर दी गई है। इन बदलावों के साथ 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी।
वहीं, नीट पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश भर में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इसकी शुरुआत पुणे में एक आंदोलन से हो चुकी है। संगठन ने एक बयान में कहा है कि वे लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, जयपुर और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में भी प्रदर्शन करेंगे। CJP ने साफ किया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी का आरोप है कि पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियों और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
