Who are NTA Three Experts in NEET Paper Leak: NEET UG पेपर लीक में NTA के 3 एक्सपर्ट्स पर आरोप लगा है। CBI चार्जशीट में क्या खुलासा हुआ और कैसे सवाल छात्रों तक पहुंचे? ये तीन एनटीए एक्सपर्ट कौन हैं? जानिए।

NEET Paper Leak: NEET UG 2026 पेपर लीक केस में CBI की चार्जशीट ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, लीक की शुरुआत प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान हुई और इसमें NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों की कथित भूमिका सामने आई है। जानिए कौन हैं NTA के वो 3 एक्सपर्ट्स, जिन पर लगा NEET UG 2026 सवाल बाहर पहुंचाने का आरोप?

कौन हैं NTA के तीन एक्सपर्ट्स जिन पर CBI का गंभीर आरोप

CBI की करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों का जिक्र है। इनमें तीन ऐसे विषय विशेषज्ञ हैं, जिन्हें NTA की ओर से प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि इन्हीं तीनों के जरिए परीक्षा के गोपनीय सवाल बाहर तक पहुंचे। CBI चार्जशीट के मुताबिक, ये तीन विशेषज्ञ मनीषा गुरनाथ मांधारे, प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार हैं। मांधारे वनस्पति एवं प्राणीशास्त्र, कुलकर्णी रसायन और हवलदार भौतिकी से जुड़ी थीं। CBI का कहना है कि इन विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र तैयार करने के अलग-अलग चरणों में गोपनीय सामग्री देखने का मौका मिला। अंतिम चरण में तीनों ने चार मास्टर सेट एक साथ देखे, जबकि जांच एजेंसी के मुताबिक ऐसा करना तय नियमों के खिलाफ था।

कैसे बाहर निकले NEET UG 2026 परीक्षा के सवाल

चार्जशीट के अनुसार, प्रश्नपत्र से जुड़ी सामग्री बाहर ले जाने का तरीका भी बेहद चौंकाने वाला था। आरोप है कि प्रह्लाद कुलकर्णी ने रफ शीट पर रसायन के 135 सवाल लिखे और उन्हें बाहर लेकर गए। वहीं, मनीषा मांधारे और मनीषा हवलदार ने सवाल याद किए और बाद में उन्हें नोटबुक में उतारा या किताबों से मिलान किया। जांच में यह भी सामने आया कि उस जगह पर बाहर निकलते समय फ्रिस्किंग या मेटल डिटेक्टर की जांच नहीं होती थी। CCTV की लाइव निगरानी भी नहीं की जा रही थी।

ये भी पढ़ें- NEET 2026 Scam: CBI की जांच में बड़ा खुलासा, पेपर बनाने वालों पर उठे सवाल; ‘घड़ी गिफ्ट’ से खुला लीक का राज

पुणे पहुंचने के बाद तीनों NTA एक्सपर्ट्स ने छात्रों तक कैसे पहुंचे सवाल?

  • CBI के मुताबिक, पुणे लौटने के बाद कथित तौर पर इन सवालों को चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया गया। मांधारे पर आरोप है कि उन्होंने अपने घर पर आठ छात्रों को बायोलॉजी पढ़ाते हुए प्रश्न उपलब्ध कराए। इसके लिए एक WhatsApp ग्रुप का इस्तेमाल किया गया था।
  • इसी तरह कुलकर्णी पर 25 से 27 अप्रैल के बीच नौ छात्रों को घर पर रसायन के सवाल बताने का आरोप है। जांच एजेंसी ने इसके समर्थन में MyGate एंट्री रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और लोकेशन जैसे सबूतों का उल्लेख किया है।
  • भौतिकी से जुड़े मामले में CBI का आरोप है कि हवलदार ने 14 अप्रैल को तेजस शाह को 68 सवाल बताए। इसके बदले 25 हजार रुपये और आम दिए जाने की बात चार्जशीट में सामने आई है।

ये भी पढ़ें- NEET Paper Leak: न प्रेस, न प्रिंटिंग मशीन...3 शिक्षक और एक ब्यूटीशियन-कैसे बाहर आया पेपर? CBI चार्जशीट

सवाल सिर्फ पेपर लीक का नहीं, सिस्टम की सुरक्षा का भी

जांच एजेंसी का दावा है कि ये सवाल आगे बिचौलियों के जरिए दूसरे छात्रों तक पहुंचे और लाखों रुपये में बेचे गए। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। इस मामले ने NEET जैसी बड़ी परीक्षा की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर उसके सुरक्षित रखे जाने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक हर स्तर की निगरानी अब जांच के घेरे में है।

CBI की जांच अभी जारी है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया यह तय करेगी कि तीनों विशेषज्ञों समेत बाकी आरोपियों की कथित भूमिका वास्तव में क्या थी और आरोप अदालत में कितने साबित होते हैं।