NEET UG पेपर लीक मामले में आरोपी यश यादव को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उसे 21 जून को पुलिस कस्टडी में NEET की परीक्षा देने और 22 जून को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की इजाजत दे दी है।
नई दिल्ली : NEET UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार यश यादव को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने यश को 21 जून को होने वाली NEET UG की परीक्षा में न्यायिक हिरासत में ही बैठने की इजाजत दे दी है। इसके अलावा, वह 22 जून को पुलिस कस्टडी में अपनी बहन की शादी में भी शामिल हो सकेगा।

जेल से सीधे परीक्षा केंद्र जाएगा यश यादव?
- यश को NEET UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसने NEET UG परीक्षा में बैठने लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी।
- वेकेशन जज विशाल गोग्ने ने यश की अर्जी मंजूर करते हुए जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 21 जून को यश को कस्टडी में परीक्षा दिलाने ले जाएं।
- साथ ही, 22 जून को उसे गुरुग्राम के फर्रुखनगर में शादी के वेन्यू तक ले जाने का भी आदेश दिया।
कोर्ट ने जेल सुपरिटेंडेंट से यह भी कहा है कि वे 17 जून को एडमिट कार्ड आने पर उसे डाउनलोड करने में यश की मदद करें, क्योंकि एग्जाम सेंटर की जानकारी उसी पर होगी।
NEET आरोपी पर कोर्ट का बड़ा आदेश
वेकेशन जज विशाल गोग्ने ने कहा, "यह सच है कि आवेदक पर उसी परीक्षा के गोपनीय सवालों को गलत तरीके से फैलाने और बेचने के गंभीर आरोप हैं, जिसमें वह अब बैठना चाहता है। लेकिन एक छात्र के तौर पर उसके अधिकारों को सिर्फ इसलिए नहीं छीना जा सकता कि उसे जमानत नहीं मिली। परीक्षा में बैठने का मौका न देना एक तरह से सजा देने जैसा होगा।"
कोर्ट ने आगे कहा कि किसी भी छात्र की योग्यता, उम्मीदवारी और चयन, परीक्षा कराने वाली संस्था या सक्षम अधिकारियों के आदेशों के अधीन होता है। कोर्ट ने कहा, "इसे देखते हुए, अदालत को लगता है कि आवेदक 21.06.2026 को परीक्षा में बैठने का हकदार है।"
परीक्षा भी देगा, शादी में भी जाएगा
- यश यादव को उसकी बहन की शादी में शामिल होने की इजाजत देते हुए कोर्ट ने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि भाई अपनी बहन की शादी में कुछ रस्में निभाएगा। अदालत के पास आवेदक को अपने परिवार के प्रति दायित्वों को पूरा करने से रोकने का कोई खास कारण नहीं है।
- जज ने अपने आदेश में कहा, "हालांकि, जांच अभी शुरुआती दौर में है, बहुत सारे सबूत इकट्ठा किए जाने हैं और कई दूसरे संदिग्धों की भी जांच चल रही है। ऐसे में, अदालत उसे अंतरिम जमानत देने के पक्ष में नहीं है।"
कोर्ट ने कहा कि चूंकि आवेदक के वकील ने कस्टडी में ही परीक्षा देने और शादी में शामिल होने का विकल्प दिया था, इसलिए अदालत इस पर सहमत है। इस तरीके से आवेदक के अधिकारों की भी रक्षा होगी और जांच के हितों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
NEET विवाद के बीच कोर्ट का मास्टर फैसला!
- कोर्ट ने सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि आवेदक यश यादव को पूरी सुरक्षा के साथ 21 जून को सुबह 12:00 बजे गुरुग्राम, हरियाणा में उसके परीक्षा केंद्र पर पेश किया जाए, ताकि वह दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक परीक्षा दे सके। परीक्षा के तुरंत बाद उसे वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
- यश यादव की तरफ से वकील अंबिका यादव, कपिल यादव और नेहा यादव पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और सिर्फ इसलिए कि आवेदक इस मामले में आरोपी है, उसे परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि बहन की शादी में भाई का होना एक पारंपरिक जरूरत है।


