NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर आए कई छात्रों ने पेपर को मिला-जुला बताया।
नई दिल्ली : रविवार को NEET-UG की दोबारा परीक्षा खत्म हो गई। एग्जाम देकर बाहर निकले कई स्टूडेंट्स ने पेपर को मिला-जुला बताया, यानी कुछ के लिए आसान तो कुछ के लिए मुश्किल। नई दिल्ली में एक कैंडिडेट ने बताया कि पिछली बार के मुकाबले इस बार फिजिक्स का सेक्शन ज्यादा टफ और टाइम लेने वाला था।

फिजिक्स-केमिस्ट्री और बायोलॉजी में क्या था ठफ
छात्रा ने ANI को बताया, “एग्जाम ठीक-ठाक था। फिजिक्स काफी लंबा और पिछली बार से थोड़ा मुश्किल था। बायोलॉजी अच्छी थी और केमिस्ट्री भी ठीक-ठाक थी।” एक और कैंडिडेट ने कहा, "यह पिछली बार से थोड़ा मुश्किल था। यह मेरा पहला अटेंप्ट था, मुझे लगभग 500 नंबर मिलेंगे। अंदर इंतजाम ठीक थे।"
जम्मू-कश्मीर के छात्र ने बताया एक्सपीरियंस
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से आए एक कैंडिडेट ने अपना अनुभव बताते हुए कहा, "पेपर बहुत अच्छा था। मेरी तैयारी बहुत अच्छी थी, बस फिजिक्स थोड़ी मुश्किल लगी। बाकी कुल मिलाकर सब अच्छा था। ओवरऑल एक्सपीरियंस अच्छा रहा।"
चेन्नई के तरुण का कैसा रहा नीट का पेपर?
वहीं, तमिलनाडु के चेन्नई में तरुण नाम के कैंडिडेट ने कहा कि यह परीक्षा पिछले अटेंप्ट से ज्यादा चैलेंजिंग थी। उन्होंने कहा, "मैंने अच्छा किया है लेकिन देखते हैं क्या होता है। एग्जाम पिछली बार से ज्यादा टफ था।"
रांची के छात्र ने क्यो कहा पेपर आसान था?
झारखंड के रांची के एक कैंडिडेट ने कहा, "पेपर आसान से मॉडरेट लेवल का था... बायोलॉजी आसान थी, केमिस्ट्री मॉडरेट थी और फिजिक्स पिछली बार से ज्यादा टफ थी...।"
22 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने दिया पेपर
देशभर में आज हुई NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा में लगभग 22 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए। यह परीक्षा 3 मई की शुरुआती परीक्षा के पेपर लीक होने के कारण रद्द होने के बाद आयोजित की गई।
तगड़ी थी इस बार सिक्योरिटी
- एग्जाम सेंटर्स पर एंट्री की प्रक्रिया काफी सख्त थी और मेटल डिटेक्टर भी लगाए गए थे।
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को सुरक्षित और सही तरीके से कराने के लिए एग्जाम रूम में सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए थे।
- कमरों में CCTV कैमरे लगे थे, जिनकी निगरानी की जा रही थी। ECIL और BEL के जैमर भी लगाए गए थे।
- NTA ने हर कमरे में दो इनविजिलेटर तैनात किए थे और हर सेंटर पर दस से ज्यादा अधिकारी मौजूद थे।
जमीन से आसमान तक थी हाई सिक्योरिटी
- फेस ऑथेंटिकेशन के लिए कुल 38,795 फ्रिस्किंग कर्मचारी और 48,448 बायोमेट्रिक स्टाफ तैनात किए गए थे। लगभग 6,700 ऑब्जर्वर, 100 से ज्यादा वर्चुअल ऑब्जर्वर और हर सेंटर पर औसतन 40-50 सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।
- लॉजिस्टिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस, अर्धसैनिक बलों, भारतीय वायु सेना और डाक विभाग को भी mobilised किया गया था। सभी गोपनीय सामग्रियों को कस्टोडियन बैंकों में वेरिफाई किया गया।
- NTA ने कैंडिडेट्स की सुविधाओं का भी ध्यान रखा। सेंटर्स पर पीने का पानी, ORS और एम्बुलेंस की व्यवस्था थी। साथ ही, इंतजार कर रहे माता-पिता के लिए छाया और बैठने की जगह भी थी।
- इसके अलावा, एग्जाम रूम में दीवार घड़ी और एक्स्ट्रा रफ शीट (बाएं हाथ से लिखने वाले कैंडिडेट्स के लिए भी) दी गई थीं। एंट्री की जरूरी औपचारिकताओं में लगने वाले समय की भरपाई के लिए एक्स्ट्रा टाइम भी दिया गया था।


