नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हालिया वैज्ञानिक आकलन के मुताबिक, ल्हेंडे नदी के रास्ते में बर्फीले हिमस्खलन से अस्थायी रुकावट बनने और उसके बाद पानी के अचानक नीचे की ओर बहने की आशंका जताई गई है।

Nepal Flood Reason: नेपाल में बुधवार 26 अगस्त की सुबह तिब्बत की ओर से अचानक आई बाढ़ ने रसुवा जिले में जलप्रलय ला दिया। तिब्बत की ओर से नेपाल आने वाली भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव अचानक इतना तेज हो गया कि उसने कई पुलों, मकानों और सड़कों को चपेट में ले लिया। इस हादसे में अब तक 55 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल में अचानक कैसे आई बाढ़?

  • नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप के कारण हिमस्खलन होने और उसके बाद में अचानक भारी बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। बाढ़ के कारण इलाके में जरूरी बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वैज्ञानिक अब बर्फ के हिमस्खलन और पानी के अचानक बढ़ने के बीच संभावित संबंध की जांच कर रहे हैं।
  • काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजन भक्त कायस्थ ने बताया कि शुरुआती आकलन में ऐसा संकेत मिला है कि बर्फ के हिमस्खलन ने शायद ल्हेंडे नदी का रास्ता रोक दिया था।
  • इससे नदी का पानी एक जगह जमा हो गया। बाद में जब यह रुकावट हटी तो जमा पानी तेज बहाव के साथ नीचे की ओर भोटेकोशी नदी में चला गया। इसी वजह से इलाके में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।

नेपाल-चीन के वैज्ञानिकों से बातचीत के आधार पर शुरुआती आकलन

कायस्थ ने बताया कि यह आकलन शुरुआती नतीजों और नेपाल तथा चीन के वैज्ञानिकों के साथ हुई बातचीत पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी समय तिब्बत की तरफ भूकंप आने की जानकारी भी सामने आई थी। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी USGS ने सुबह 8:37 बजे तिब्बती क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया। यह भूकंप गोसाईंकुंड से करीब 47 किलोमीटर उत्तर में आया था।

भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी

अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत की तरफ से आई बाढ़ के कारण बुधवार सुबह करीब 9 बजे स्थानीय समय पर भोटेकोशी नदी का जलस्तर और बहाव अचानक तेजी से बढ़ गया। इससे तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा और धाडिंग जिले प्रभावित हुए। इसके अलावा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिले में भी बाढ़ का असर देखने को मिला।

भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास ने जारी किए इमरजेंसी नंबर

नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और उन्हें जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

+977 985 131 6807

+977 970 910 7500

दोनों इमरजेंसी नंबरों पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।

100 से ज्यादा भारतीयों समेत करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार तड़के आई अचानक बाढ़ के बाद रसुवागढ़ी चेकपॉइंट पर कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे 100 से ज्यादा भारतीयों समेत करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। ANI ने 'द काठमांडू पोस्ट' का हवाला देते हुए बताया कि बुधवार को कुल 384 तीर्थयात्रियों को सीमा पार करनी थी। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल थे। कुछ तीर्थयात्रियों को छोड़कर ज्यादातर लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है।

105 भारतीय और 37 NRI लापता

नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हुए विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय और 37 NRI शामिल हैं। यह जानकारी नेपाल के टूरिज्म बोर्ड की ओर से दी गई है। टूरिज्म बोर्ड ने बताया कि ये आंकड़े पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिली शुरुआती एजेंसी-वार जानकारी पर आधारित हैं। प्रभावित तीर्थयात्री अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के क्लाइंट हैं। अचानक आई बाढ़ के बाद रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के संपर्क से बाहर होने से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।