नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत पर CM योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। ADG मेरठ के नेतृत्व में 3 सदस्यीय SIT गठित की गई है, जो 5 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपेगी। प्रदेश में दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान के निर्देश भी दिए गए हैं।

नोएडा में हुई दर्दनाक घटना ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि शहरी सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद सरकार का रुख साफ है, जिम्मेदारी तय होगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई नहीं जाएगी।

मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित हुई 3 सदस्यीय SIT

इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। ADG जोन मेरठ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में मंडलायुक्त मेरठ और लोक निर्माण विभाग (PWD) के चीफ इंजीनियर को भी शामिल किया गया है। SIT को पांच दिनों के भीतर पूरी जांच कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल इस एक घटना तक सीमित न रहते हुए पूरे प्रदेश के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि राज्यभर में ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित किया जाए, जहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इन स्थानों पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाकर खतरे को खत्म किया जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।

आगे ऐसी घटनाएं न हों, यह सुनिश्चित करे प्रशासन

सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सड़क सुरक्षा, जलभराव, खुले नाले और अंधेरे मार्गों जैसे मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

कैसे हुआ हादसा, जिसने सबको झकझोर दिया

यह दर्दनाक हादसा 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे हुआ। युवराज मेहता, जो गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे, नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा सोसाइटी की ओर जा रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी गाड़ी एक गहरे, पानी से भरे नाले में जा गिरी। अंधेरा और जलभराव इस कदर था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी जान चली गई।

शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवराज मेहता के असमय निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी। यह घटना अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की परीक्षा बन चुकी है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी है।

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