नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत पर योगी सरकार की त्वरित कार्रवाई से परिजनों को न्याय की उम्मीद मिली है। SIT गठित की गई है और आरोपी बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कार्रवाई हुई है।

लखनऊ। नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में योगी सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विशेष जांच टीम (SIT) के गठन से उन्हें न्याय की उम्मीद मिली है और उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके बेटे की आत्मा को न्याय अवश्य मिलेगा।

SIT गठन से परिवार को मिला भरोसा

राजकुमार मेहता ने कहा कि योगी सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिस तरह त्वरित कदम उठाए हैं, उससे उन्हें न्याय की आशा जगी है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सजा मिलेगी।

घटनास्थल पर किए गए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम

मृतक के पिता के अनुसार, घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से घटनास्थल पर सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की इच्छा

राजकुमार मेहता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक बार मुलाकात करने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से भेंट होने पर उन्हें मानसिक शांति मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया है।

3 सदस्यीय SIT कर रही मामले की जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नोएडा की इस घटना का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने एडीजी जोन मेरठ के नेतृत्व में 3 सदस्यीय SIT का गठन किया। यह टीम 5 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

आरोपी बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मंगलवार को नामजद आरोपी बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वह रियल एस्टेट कंपनी एमजेड विजटाउन प्लानर्स लिमिटेड का सीईओ है। उसके खिलाफ लापरवाही, गैर इरादतन हत्या और जान जोखिम में डालने जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कार्रवाई

योगी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी कड़ा रुख अपनाया है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को पद से हटा दिया गया है। इससे पहले ट्रैफिक सेल के अवर अभियंता नवीन कुमार को भी तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया था। यह कार्रवाई सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।