नोएडा के सेक्टर-55 की सुनसान सड़कें उस वक्त दहशत में बदल गईं, जब स्कूटर सवार एक युवक ने महिलाओं का पीछा कर पीछे से कैंची से हमला करना शुरू कर दिया। CCTV, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के बाद गाजियाबाद निवासी अंकित वर्मा गिरफ्तार हुआ। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या “नोएडा सीरियल कैंची अटैकर” और भी वारदातों में शामिल था।

नोएडा/गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा की सड़कों पर पिछले कुछ दिनों से महिलाओं के बीच खौफ का पर्याय बने एक 'सिरफिरे' हमलावर को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। गाजियाबाद का रहने वाला यह आरोपी नोएडा के सुनसान रास्तों से गुजरने वाली महिलाओं और लड़कियों पर पीछे से अचानक कैंची से वार कर फरार हो जाता था। इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल स्कूटर और खून से सनी कैंची बरामद कर ली है।

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सेक्टर-55 की वो खौफनाक शाम: जब पीछे से हुआ अचानक वार

इस दहशत की शुरुआत 22 मई को नोएडा के सेक्टर-55 की एक सड़क पर हुई। दो महिलाएं अपने गंतव्य की ओर जा रही थीं, तभी दोपहिया वाहन पर सवार एक अज्ञात शख्स उनके पीछे लग गया। सुनसान इलाका देखते ही उसने रफ्तार बढ़ाई और महिलाओं पर पीछे से कैंची से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में दोनों महिलाएं लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ीं, जबकि आरोपी पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गया। इस खौफनाक वारदात के बाद सेक्टर-58 पुलिस स्टेशन में तुरंत मामला दर्ज किया गया और पुलिस की कई टीमें हमलावर की तलाश में लगा दी गईं।

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CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस: ऐसे फंसा जाल में 'साइको' हमलावर

नोएडा पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन चुका था क्योंकि हमलावर का कोई सुराग नहीं था। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और उसके आस-पास के कई किलोमीटर के दायरे में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र (लोकल इंटेलिजेंस) को सक्रिय किया गया। तकनीकी इनपुट और जमीनी कड़ियों को जोड़ने के बाद आखिरकार संदिग्ध की पहचान गाजियाबाद के रहने वाले अंकित वर्मा के रूप में हुई। अंकित नोएडा की ही एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। एक सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे सेक्टर-55/56 की सड़क से दबोच लिया।

आखिर क्या है खौफनाक मकसद? पुलिस कर रही है मानसिक स्थिति की जांच

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) मनीषा सिंह ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया, "सेक्टर-58 पुलिस टीम को पिछले कई दिनों से एक ऐसे शख्स के बारे में इनपुट मिल रहे थे, जो सुनसान रास्तों पर लड़कियों को निशाना बनाता था। हमारी टीम लगातार जाल बिछा रही थी और 23 मई को इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।" पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह जानबूझकर ऐसे रास्तों का चुनाव करता था जहां भीड़ कम हो। हालांकि, महिलाओं पर इस तरह के जानलेवा हमले करने के पीछे उसका असली मकसद क्या था, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या अंकित किसी मानसिक बीमारी (साइकोपैथिक बिहेवियर) से ग्रसित है या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या विकृत मानसिकता है। फिलहाल, पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या उसने शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है।

“कई दिनों से मिल रही थीं शिकायतें”

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से महिलाओं पर पीछे से हमला करने की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।