अमेरिका में एक NRI ने डिनर पार्टी का अनुभव शेयर किया, जहाँ भारत को लेकर अजीब धारणाएं सुनकर वे हैरान रह गए। मेहमानों ने पूछा कि क्या भारत में लज़ानिया मिलता है या चुनाव होते हैं। यह पोस्ट वायरल होकर सांस्कृतिक अज्ञानता पर बहस का कारण बनी।
अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जो अब खूब चर्चा में है। इसमें उन्होंने एक डिनर पार्टी का अजीब किस्सा सुनाया, जहां भारत को लेकर लोगों की अजब-गजब धारणाएं सुनकर वह हैरान रह गए। एक मेहमान ने तो यहां तक कह दिया कि "भारत में लज़ानिया नहीं मिलता।" यह किस्सा एक NRI (प्रवासी भारतीय) ने रेडिट के पॉपुलर फोरम r/Indiansinusa पर शेयर किया है। पोस्ट का टाइटल था, '"भारत में लज़ानिया नहीं मिलता" + डिनर टेबल के दूसरे नगीने।' उन्होंने बताया कि वह अमेरिका के एक इटैलियन रेस्टोरेंट में डिनर पर गए थे, लेकिन वहां हुई बातचीत ने उनका सिर घुमा दिया।

उनके मुताबिक, जैसे ही उनका खाना आया, एक कलीग के कज़न ने बड़े आराम से कहा, "हां... तुम्हें भारत में लज़ानिया तो नहीं मिलता होगा।" ऐसा लगा जैसे वह मानकर बैठा हो कि भारत का ग्लोबल खान-पान और कैफे कल्चर से कोई लेना-देना ही नहीं है। उस पल को याद करते हुए NRI ने मज़ाक में लिखा कि उस मेहमान को शायद लगता था कि 1.4 अरब लोग पूरी तरह से ग्लोबल खान-पान और कैफे कल्चर से कटे हुए हैं।” लेकिन अजीब सवालों का सिलसिला यहीं नहीं रुका।
रेडिट यूज़र ने बताया कि उसी शख्स ने थोड़ी देर बाद पूछा, "भारत में वो पीला जानवर कौन सा है जिस पर लोग सफर करते हैं?" यह सवाल इतना कन्फ्यूज करने वाला था कि पहले तो उन्हें लगा कि शायद वह हाथी की बात कर रहा है। उन्होंने politely जवाब दिया कि सदियों पहले राजा-महाराजा हाथी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन सच तो यह है कि उन्हें अब भी "कोई अंदाज़ा नहीं" कि वह शख्स किस जानवर की बात कर रहा था।
एक और सवाल ने उन्हें उतना ही हैरान किया जब मेहमान ने पूछा, "क्या तुम भारत जा सकते हो?" NRI ने जवाब दिया, "हां, क्यों नहीं? मैं जब चाहूं जा सकता हूं।" हालांकि, मन ही मन वह सोच रहे थे कि शायद वह पूछना चाहता था कि क्या वह हमेशा के लिए भारत में बसने का इरादा रखते हैं।
लेकिन, उनके शब्दों में, "सबसे बड़ा धमाका" तो तब हुआ जब उसी शख्स ने यह सवाल कर दिया कि क्या भारत में चुनाव भी होते हैं। NRI ने बताया कि इस पर उन्होंने तीखा जवाब दिया, “जी हां, होते हैं। और इसीलिए हमारे यहां प्रधानमंत्री होते हैं, कोई सुप्रीम लीडर या राजा नहीं।” उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में इस तरह की गलतफहमियों का सामना वह पहली बार नहीं कर रहे थे। पहले भी उबर ड्राइवर उनसे भारत के लोकतंत्र को लेकर ऐसे ही सवाल पूछ चुके हैं।
यह पोस्ट जल्द ही वायरल हो गई, जिसके बाद कल्चरल अज्ञानता, घिसी-पिटी सोच और इस बात पर बहस छिड़ गई कि कैसे बहुत से लोग अपने देश के बाहर की दुनिया के बारे में बहुत कम जानते हैं। जहां कई रेडिट यूज़र्स ने उस शख्स के साथ सहानुभूति जताई और माना कि ऐसे अनुभव बहुत निराशाजनक हो सकते हैं, वहीं दूसरों का तर्क था कि दूसरे कल्चर के बारे में अज्ञानता सिर्फ अमेरिका की नहीं, बल्कि एक ग्लोबल समस्या है।
