लाहौर में विदेशी महिलाओं के अपहरण और गैंगरेप केस में बड़ा खुलासा, डिप्टी PM इशाक डार के रिश्तेदार समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य संदिग्ध की पहचान पर सनसनी फैली।

लाहौर, पाकिस्तान: पाकिस्तान की सांस्कृतिक राजधानी लाहौर से एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक मामला सामने आया है जिसने न केवल वहां की कानून-व्यवस्था, बल्कि देश के सर्वोच्च राजनीतिक गलियारों को भी हिलाकर रख दिया है। नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और गैंगरेप के आरोप में पुलिस ने चार रसूखदार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले ने तब एक बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मोड़ ले लिया जब मुख्य आरोपी का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान के मौजूदा डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से निकला। लाहौर की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को चारों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जिसके बाद से कई चौंकाने वाले राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सिंगापुर से लाहौर: क्रिप्टोकरेंसी का वो 'झांसा' और 29 जून की साजिश

इस खौफनाक वारदात की पटकथा आज से कई महीने पहले अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में लिखी जानी शुरू हुई थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित विदेशी महिलाएं सिंगापुर की एक यात्रा के दौरान मुख्य आरोपी मुहम्मद रज़ा डार के संपर्क में आई थीं। रज़ा डार और इन महिलाओं के बीच एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर (व्यापार) को लेकर साझेदारी की बात चल रही थी। रज़ा डार ने महिलाओं को बिजनेस का बड़ा झांसा देकर पाकिस्तान आने का न्योता दिया। शकुनि की चौपड़ की तरह बिछाई गई इस साजिश के तहत, रज़ा डार ने खुद उनके लिए पाकिस्तान के 'बिजनेस वीज़ा' का इंतजाम कराया। 29 जून को दोनों महिलाएं जैसे ही उम्मीदों के साथ लाहौर एयरपोर्ट पर उतरीं, उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि वे एक खौफनाक जाल में कदम रख चुकी हैं।

स्वागत नहीं, अपहरण! बंदूक की नोक पर मांगी गई फिरौती

लाहौर पहुंचने के बाद इन महिलाओं का स्वागत किसी बिजनेस मीटिंग से नहीं, बल्कि बंदूक की नोक पर हुआ। रज़ा डार ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हवाई अड्डे से ही दोनों विदेशी महिलाओं का अपहरण कर लिया। आरोपी उन्हें लाहौर के एक सुनसान इलाके में स्थित एक गुप्त घर में ले गए। वहां बंधक बनाकर न सिर्फ दोनों महिलाओं के साथ बेरहमी से सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया, बल्कि उनकी आज़ादी और जान के बदले मोटी अंतरराष्ट्रीय फिरौती की मांग भी की गई। महिलाएं पूरी तरह असहाय थीं और एक अनजान देश की चारदीवारी में कैद थीं।

Scroll to load tweet…

स्पेन से आई वो 'सीक्रेट' कॉल…और पुलिस का आधी रात को धावा

इस पूरे मामले में सस्पेंस तब और गहरा गया जब पाकिस्तान से हजारों मील दूर स्पेन से एक फोन कॉल लाहौर पुलिस के आला अधिकारियों के पास पहुंची। दरअसल, बंधक बनाई गई महिलाओं में से एक के पिता को अपनी बेटी के संकट में होने का आभास हो गया था और उन्होंने किसी तरह स्पेन से सीधे लाहौर पुलिस से संपर्क साधा। इस इनपुट के मिलते ही लाहौर पुलिस के होश उड़ गए क्योंकि मामला दो अलग-अलग देशों की विदेशी नागरिकों से जुड़ा था। पुलिस की एक विशेष टीम ने आधी रात को बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की और दोनों महिलाओं को सकुशल छुड़ा लिया। गुरुवार को पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता (PPC) की धारा 365A (अपहरण) और 375A (गैंगरेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर चार को दबोच लिया।

डिप्टी PM के घर तक पहुंची आंच: क्या सलाखों के पीछे टिक पाएगा कानून?

शुक्रवार को जब चारों आरोपियों-मुहम्मद रज़ा डार, हसन रज़ा, सिकंदर खान और साजिद अली-को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, तो दोनों पीड़ित महिलाओं ने बिना झिझके रज़ा डार की तरफ उंगली उठाते हुए उसे "मुख्य मास्टरमाइंड" करार दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई (PTI) को बताया, “चूंकि यह मामला बहुत संवेदनशील है और इस हाई-प्रोफाइल केस में सीधे डिप्टी पीएम इशाक डार का करीबी रिश्तेदार शामिल है, इसलिए पुलिस पर भारी दबाव है, लेकिन हम हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं।” 

फिलहाल पांचवां आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि क्या पाकिस्तान का यह रसूखदार राजनीतिक परिवार इस जांच को प्रभावित करेगा, या फिर इन विदेशी महिलाओं को पाकिस्तानी सरज़मीन पर पूरा इंसाफ मिल पाएगा? वैश्विक स्तर पर भी इस केस पर पैनी नजर रखी जा रही है।