एक ट्रेन यात्री ने परिवार के लिए अपनी आरक्षित सीट बदलने से इनकार कर दिया, जिसे उसने सोच-समझकर बुक किया था। Reddit पर साझा इस घटना ने यात्रा शिष्टाचार पर बहस छेड़ दी, जिसमें ज़्यादातर लोगों ने यात्री का समर्थन किया।

एक ट्रेन पैसेंजर ने अपनी सोच-समझकर चुनी हुई सीट एक परिवार के साथ बदलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सफर के दौरान सही बर्ताव को लेकर एक बहस शुरू हो गई है। शख्स का कहना था कि जब उसने पहले से सीट रिज़र्व की है, तो उसे सिर्फ इसलिए सीट छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि कोई दूसरा ग्रुप एक साथ बैठना चाहता है। पैसेंजर ने ये पूरा किस्सा Reddit पर शेयर किया और बताया कि जब भी उससे कोई ऐसी मांग की जाती है जिसे वो पूरा नहीं करना चाहता, तो उसका एक सीधा सा नियम है।

उसने लिखा, "मेरा एक पर्सनल रूल है: अगर मुझे कुछ नहीं करना है, तो मैं 'ना' कहूंगा। कोई झूठी मुस्कान नहीं, कोई अफसोस नहीं, बस विनम्रता से 'नहीं'।" शख्स ने बताया कि उसने और उसके साथी ने ट्रेन के AC चेयर कार में पहले से ही सीटें बुक कर ली थीं क्योंकि उन्हें एक विंडो सीट और आमने-सामने वाली कुर्सियां चाहिए थीं।

उसने लिखा, "हमने अपनी AC चेयर कार की सीटें एडवांस में बुक की थीं क्योंकि हम खासतौर पर आमने-सामने वाली और एक विंडो सीट चाहते थे। हमने इसी तरह से प्लानिंग की थी।" सफर के दौरान, एक महिला उनके पास आई और उनसे दूसरी सीटों पर चले जाने को कहा ताकि उसका परिवार एक साथ सफर कर सके।

पैसेंजर ने उस बातचीत को याद करते हुए बताया, "एक महिला आईं और बोलीं, 'क्या आप हमारी सीटों पर जा सकते हैं? हमारा पूरा परिवार एक साथ बैठना चाहता है।' मैंने जवाब दिया, 'माफ कीजिए, नहीं। हमने ये सीटें जानबूझकर बुक की हैं'।"

शख्स का दावा है कि महिला ने जोर देना जारी रखा और कहा, "अरे चलिए भी, बस कुछ ही घंटों की तो बात है।"

इस पर शख्स ने पूछा कि क्या परिवार घर लौट रहा है या छुट्टियों पर जा रहा है। जब महिला ने बताया कि वे घर लौट रहे हैं, तो उसने जवाब दिया, "तो फिर घर पहुंचने पर आपको परिवार के साथ जितना चाहें उतना समय मिलेगा।" उसने आगे कहा, "वहां आप जैसे चाहें एक साथ बैठ सकते हैं। फिलहाल, हम उन सीटों पर ही बैठना चाहते हैं जिन्हें हमने खास तौर पर रिज़र्व किया है।"

Reddit यूजर के मुताबिक, महिला उसके इनकार से नाखुश लग रही थी, लेकिन वह अपनी चुनी हुई सीटों पर डटा रहा।

वायरल Reddit पोस्ट पर एक नज़र

यह पोस्ट "Train etiquette: Am I expected to swap my reserved seat for a family?" (ट्रेन का शिष्टाचार: क्या मुझसे अपनी रिज़र्व सीट एक परिवार के लिए बदलने की उम्मीद की जाती है?) टाइटल के साथ शेयर की गई थी, जिस पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं।

इंटरनेट ने क्या कहा?

एक यूजर ने कहा, "आपको उन सीटों पर बने रहने का पूरा अधिकार था क्योंकि आपने उन्हें बुक किया था और उनके लिए पैसे दिए थे।" एक अन्य ने लिखा, "परिवारों को दूसरे यात्रियों पर दबाव डालने के बजाय अपनी बुकिंग की प्लानिंग ठीक से करनी चाहिए।" तीसरे ने कहा, "विनम्रता से 'ना' कहना आपको बदतमीज नहीं बनाता।" एक और यूजर ने कहा, "आप सीट बदलने के लिए हमेशा पूछ सकते हैं, लेकिन कोई भी इसके लिए सहमत होने को मजबूर नहीं है।"