कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ वाले बयान ने सियासी विवाद छेड़ दिया है। इससे पहले भी सोनिया गांधी से लेकर मणिशंकर अय्यर तक, कई नेता पीएम मोदी पर ऐसी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिन पर खूब बवाल हुआ।

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के कई नेताओं के बयान समय-समय पर राजनीतिक विवाद की वजह बने हैं। 25 अक्टूबर 2026 को पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ वाली टिप्पणी ने एक बार फिर सियासी बहस छेड़ दी। इससे पहले भी मोदी को लेकर ‘मौत का सौदागर’, ‘नीच’ और ‘जहरीला सांप’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल विवादों में रहा है।

1. मल्लिकार्जुन खड़गे: ‘मोदी का बाप भी जाएगा’

25 अक्टूबर 2026 · पटना

  • बिहार की राजधानी पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में खड़गे प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
  • उनकी इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा हुआ और बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। अपने भाषण में खड़गे ने काले धन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

2. सोनिया गांधी: ‘मौत का सौदागर’

2007 · गुजरात विधानसभा चुनाव

गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा था। यह टिप्पणी 2002 के गुजरात दंगों के संदर्भ में की गई थी। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे मोदी का अपमान बताया।

3. मणिशंकर अय्यर: ‘चायवाला’ और ‘नीच’ टिप्पणी

2014 और 2017

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान भी कई बार विवादों में रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उनकी चाय बांटने वाली टिप्पणी को मोदी पर तंज के तौर पर देखा गया। वहीं, 2017 में अय्यर ने मोदी के लिए ‘नीच किस्म का आदमी’ शब्दों का इस्तेमाल किया। इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला। कांग्रेस ने भी अय्यर की टिप्पणी से दूरी बनाई थी।

4. मल्लिकार्जुन खड़गे: ‘जहरीले सांप’ से की थी तुलना

अप्रैल 2023 · कर्नाटक चुनाव

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना जहरीले सांप से की थी। बयान पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई दी कि उनका निशाना मोदी की बजाय बीजेपी की विचारधारा थी। बीजेपी ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री का अपमान बताया था।

5. प्रियंका गांधी: मोदी की तुलना दुर्योधन से

2019 · लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हरियाणा के अंबाला में एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की तुलना महाभारत के पात्र दुर्योधन से की थी। इस टिप्पणी को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी। बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमला बताया।

बयानों से क्यों गरमाती है राजनीति?

प्रधानमंत्री जैसे बड़े पद पर बैठे नेता के खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणियां अक्सर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन जाती हैं। एक ओर विपक्ष ऐसे बयानों को राजनीतिक आलोचना के संदर्भ में रखता है, वहीं बीजेपी इन्हें प्रधानमंत्री का अपमान बताती है। इन विवादों के बीच नीतियों और कामकाज पर होने वाली बहस भी कई बार पीछे छूट जाती है।